नई दिल्ली
किसान आंदोलन को 8 महीने का वक्त पूरा होने वाला है। हाल ही में संसद के मानसून सत्र को देखते हुए किसानों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया, जिसे उन्होंने 'किसान संसद' नाम दिया है। इस बीच शुक्रवार को वहां पर नए अंदाज में प्रदर्शन देखने को मिला, जहां सबसे पहले किसानों ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का डमी तैयार किया। इसके बाद उससे इस्तीफा लिखवाया। साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दरअसल जब से नए कृषि कानून आए हैं, तब से किसान संगठन सबसे ज्यादा नाराज कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से हैं। किसानों का मानना है कि उन्हीं की वजह से किसानों का हक मारा जा रहा है। इसके चलते कई बार बातचीत के दौरान भी किसान नेताओं ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई। अब शुक्रवार को किसानों ने जंतर-मंतर पर तोमर का डमी बनाकर उसके सामने जमकर प्रदर्शन किया। बाद में उसी से इस्तीफा भी लिखवा लिया। इसके अलावा किसान संगठन कांग्रेस से भी नाराज हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस को संसद में उनके मुद्दे को उठाना चाहिए था, लेकिन वो अभी ताजपोशी में ही लगे हुए हैं।
मीनाक्षी लेखी के बयान के बाद 'किसान संसद' में पारित किया प्रस्ताव, कहा- यह किसानों का अपमान 26 तारीख को बड़ा प्रदर्शन? वहीं खबर ये भी आ रही कि 26 जुलाई को आंदोलन के 8 महीने पूरे होने पर किसान बड़े प्रदर्शन का प्लान बना रहे हैं। उस दिन बड़ी संख्या में महिला प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर पहुंचेंगी और किसान संसद चलाएंगी। हालांकि दिल्ली पुलिस पहले से ही सावधान है। साथ ही प्रदर्शन की इजाजत देते वक्त ही ये साफ कर दिया गया था कि वहां पर 200 से ज्यादा लोग नहीं जुटेंगे। किसान संगठनों ने ये भी आश्वसन दिया है कि इस बार 26 जनवरी जैसा उपद्रव नहीं होगा। जिस वजह से हर टीम में एक मॉनिटर बनाया गया है। उसकी की देखरेख में किसान प्रदर्शन स्थल पर पहुंचते हैं। इसके अलावा जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।














