भोपाल
आगामी चुनावों (Election 2021) से पहले मध्य प्रदेश में एक बार फिर दलबदल का सिलसिला चल पड़ा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) को एक बार फिर बड़ा झटका दे दिया है। एक दर्जन बसपा के पदाधिकारी कांग्रेस में शामिल हो गए है।अभी कुछ दिन पहले भी एक बसपा नेता ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। आगामी चुनावों से पहले मध्य प्रदेश में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही BSP के लिए ये बड़ा झटका माना जा रहा है।
दरअसल, आज पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने BSP के पूर्व महापौर प्रत्याशी समेत एक दर्जन पदाधिकारियों को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।अब कांग्रेस ने चंबल में सेंध लगाई है।इससे पहले भिंड (Bhind) के मेहगांव से बसपा नेता रणजीत सिंह गुजा कांग्रेस में शामिल हुए थे। जहां कमलनाथ ने बसपा नेता गुजा को सदस्य बनाते हुए कांग्रेस को मजबूत करने पर जोर दिया था।वही बसपा नेता ने भी कांग्रेस की गौरवशाली परंपरा पर विश्वास व्यक्त किया था।
बता दे कि वर्तमान में 230 विधानसभा सीटों वाले मध्य प्रदेश में BSP से दो विधायक हैं। इसके अलावा एमपी में 28-30 विधानसभा सीटों पर दलित मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं।खासकर भिंड, मुरैना, रीवा, सतना और ग्वालियर क्षेत्र में दलित मतदाताओं की अच्छी खासी तादाद है।वही चंबल, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में दलित मतदाता प्रभावी भूमिका में हैं। अगर ऐसे ही बसपा नेता कांग्रेस में शामिल होते गए तो बसपा के साथ साथ BJP को भी दलित वोटों का नुकसान हो सकता है।














