LIC का आईपीओ जनवरी 2022 में आने की उम्मीद

मुंबई
देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी लाइफ इंश्योरेंस आॅफ इंडिया (एलआईसी) के आईपीओ के लिए सरकार ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। हालांकि, एलआईसी के आईपीओ का इंतजार कर रहे लोगों का इंतजार अभी और लंबा होने वाला है। इस साल एलआईसी का आईपीओ आने की संभावना कम है, लेकिन सरकार जनवरी 2022 में इस आईपीओ को लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके लिए केंद्र सरकार इसी महीने इस आईपीओ पर काम करने के लिए मर्चेंट बैंकर्स से बिड्स आमंत्रित कर सकती है।

इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सरकार जनवरी में आईपीओ को लॉन्च करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है, ताकि विनिवेश के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके। डिपार्टमेंट आॅफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक ऐसेट मैनेजमेंट (डीआईपीएएम) ने एलआईसी के आईपीओ के लिए कंपनी का वैल्यूएशन करने के लिए एक्चुअरियल फर्म मिल्लीमन एडवाइजर को नियुक्त किया है। जबकि, डिओलाइट और एसबीआई कैपिटल को प्री-आईपीओ एडवाइजर नियुक्त किया गया है। एलआईसी के आईपीओ को देश का सबसे बड़ी आईपीओ माना जा रहा है।

सरकार आईपीओ के प्रॉसेस को आगे बढ़ाने के लिए एक से 2 महीने में इस पब्लिक इश्यू के लिए मर्चेंट बैंक नियुक्त कर देगी। इसके लिए बिड्स एक से 2 सप्ताह में मंगाए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि एलआईसी को आईपीओ लॉन्च करने के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल नवंबर तक मिल जाने की उम्मीद है। एक्चुअरियल फर्म मिल्लीमन एडवाइजर अगले सप्ताह से कंपनी का वैल्यूएशन निकालने के काम में जुट जाएगी। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पेश आम बजट में विनिवेश के जरिये 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। विनिवेश के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए इस वित्त वर्ष में एलआईसी का आईपीओ बेहद महत्वपूर्ण है।

अगर एलआईसी का आईपीओ इस फाइनेंशियल ईयर में नहीं आता है तो सरकार विनिवेश के लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़े अंतर से चूक जाएगी। मोदी सरकार कई चरणों में एलआईसी में अपनी 25% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। सरकार की योजना पहले चरण में 10 फीसदी हिस्सेदारी ही बेचने की है। उसके बाद अन्य हिस्सेदारी को कई राउंड में बेची जाएगी। अभी के वैल्यूएशन के हिसाब से एलआईसी में अपनी 10% हिस्सेदारी बेचने पर केंद्र सरकार को 80,000 करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं।