रायपुर
मार्च 2019 में शुरू हुई शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश रोककर रखने के लिए प्रदेश सरकार की भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने तीखी आलोचना की है। मूणत ने कहा कि चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रति प्रदेश सरकार का यह रवैया अमानवीयता और घोर संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। इन शिक्षक अभ्यर्थियों को कोरोना की भयावह त्रासदी के दौर में भी बरसते पानी, तपती धूप और कडकड़ाती ठंड में बार-बार आंदोलन के लिए बाध्य करके प्रदेश सरकार अपने सत्तावादी अहंकार का निर्लज्ज प्रदर्शन कर रही है।
मूणत ने राजधानी में गुरुवार को हुए इन अभ्यर्थियों के आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में कहा कि उक्त भर्ती प्रक्रिया के लिए आहूत पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने और दो-दो बार उसका सत्यापन हो जाने के बाद भी प्रदेश सरकार द्वारा नियुक्ति आदेश रोके रखना इन अभ्यर्थियों के साथ खुला अन्याय है। मूणत ने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय समाचार चैनलों में इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकने की बात कही थी। मुख्यमंत्री बघेल ने ऐसा कहकर झूठ परोसने और प्रदेश व देश को भ्रमित करने का काम किया, जो मुख्यमंत्री पद की गरिमा व विश्वसनीयता के अनुकूल कतई नहीं था। मूणत ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल ने जिनकी नियुक्ति हो चुकने की बात कही थी, उसका कड़वा सच यह है कि वे अभ्यर्थी आज जूते पॉलिश और मनरेगा में मजदूरी करने के लिए विवश हैं। मूणत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार 24 में से 18 घंटे युवाओं के लिए काम करेगी, तो क्या प्रदेश सरकार के ऐसे ही काम करने की बात राहुल गांधी ने की थी कि भर्ती प्रक्रिया के चयनित अभ्यर्थियों को अपने हक के लिए कोरोना काल में भी बार -बार आंदोलन करने लिए विवश होना पड़ेगा!
मूणत ने कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रदेश सरकार अपने कथन से बार-बार पलट रही है। कभी वह कहती है कि स्कूल खुलने पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश देंगे तो कभी वह कहती है कि अभी आर्थिक मंदी है। कुल मिलाकर, तरह-तरह के बहाने बनाकर प्रदेश सरकार इनकी नियुक्ति रोके हुए है। मूणत ने कहा कि इन अभ्यर्थियों के परिवार बहुत-सी तकलीफों से जूझ रहे हैं, कई अभ्यर्थियों के परिजनों की दुखद मृत्यु हो चुकी है, लेकिन प्रदेश सरकार के कानों में जूँ तक नहीं रेंग रही है। आखि? प्रदेश सरकार कब इनकी नियुक्ति के आदेश जारी करके उनके बेमुद्दत इंतजार को खत्म करेगी? कोरोना काल में अपनी जान और सेहत हथेली पर रखकर ये अभ्यर्थी प्रदेशभर से राजधानी में इकठ्ठे होकर बार-बार आंदोलन कर रहे हैं, फिर भी प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमण की भयावह त्रासदी में इन्हें आंदोलन के लिए विवश कर रही है। मूणत ने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार को इन अभ्यर्थियों के साथ-साथ प्रदेशभर के जनस्वास्थ्य की सुरक्षा की चिंता करके तत्काल नियुक्ति आदेश जारी करे।
















