कोरोना योद्धाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना अदा किया फर्ज: गृह मंत्री डॉ. मिश्रा

दतिया

कोरोना महामारी के दौरान जब कोरोना संक्रमित व्यक्ति से मिलने या उसके पास जाने में परिजन संकोच करते थे, तब अपनी जान की परवाह किए बिना अपना फर्ज अदा करने वाले लोग वास्तविक कोरोना योद्धा है। ऐसे योद्धाओं को सम्मानित कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ।  गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा शनिवार को दतिया की राजघाट कालोनी पर कोरोना से मृत व्यक्तियों के दाह संस्कार करने वाले कोरोना योद्वाओं के सम्मान  समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कोरोना योद्धाओं को पुष्पहार एवं शिल्ड प्रदान कर सम्मानित किया।

गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि कोरोना महामारी के संक्रमण को पूरी दुनिया देख चुकी है। ऐसे में भीषण गर्मी में पीपीई किट पहनकर एवं कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए अपनी जान की परवाह करते हुए कोरोना से मृत व्यक्तियों का दाह संस्कार करने वाले सिर्फ योद्धा ही हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना योद्धाओं के इस कार्य की जितनी भी सराहना की जाए कम है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि माँ पीताम्बरा की कृपा से जिले में कोरोना काल में मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं हुई। समय-समय पर सारी सुविधाएँए मरीजों को उपलब्ध कराई गई।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि पूरे प्रदेश में दतिया की पुलिस ने अन्नदान वितरण कार्यक्रम आयोजित कर , एक दिन का वेतन देकर और पुलिस चिकित्सालय में आयुष वार्ड की स्थापना कर मानवता की मिशाल पेश की। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी।

कोरोना योद्धाओं का हुआ सम्मान

मंत्री डॉ. मिश्रा ने कोरोना से मृत व्यक्तियों के दाह संस्कार करने  वाले कोरोना योद्धा श्री चंदन वाल्मीकी, श्री सत्यम, श्री विक्रम, श्री पवन, श्री रामकुमार, श्री लखन, श्री निखिल और श्री पंकज को पुष्पहार पहनाकर  एवं शिल्ड प्रदान कर सम्मान किया। डॉ. मिश्रा ने पूर्व में कोरोना योद्धा के रूप में सफाईकर्मी, समाचार पत्र वितरक (हॉकर्स), नर्सेस, डॉक्टर आदि का भी सम्मान किया है।

इस अवसर पर सर्वश्री, पूर्व विधायक आशाराम अहिरवार और श्री कालीचरण कुशवाह, श्री दीपक बेलपत्री, श्री सनत पुजारी आदि उपस्थित थे।