केन्द्रीय संयुक्त सचिव की नाराजगी के बाद कलेक्टरों को बनाया जिला स्तरीय टास्कफोर्स का अध्यक्ष

भोपाल
जिलों को सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री बनाने के लिए जिला स्तर पर गठित टास्क फोर्स में जिला कलेक्टर द्वारा नामांकित अपर कलेक्टरों को अध्यक्ष बनाया गया था। इस पर केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव की नाराजगी के बाद अब कलेक्टरों को टास्कफोर्स का अध्यक्ष बनाया गया है।

राज्य सरकार ने प्रदेश में प्लास्टिक कैरी बैग के उपयोग का प्रतिबंधित किया गया है। भारत सरकार ने वर्ष 2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रचलन को विलोपित करने या प्रतिबंधित करने का संकल्प रखा है। इस काम के लिए जिला और अनुभागीय दंडाधिकारी निकाय स्तर पर जनजागृति के  लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें जिला कलेक्टर द्वारा अपर कलेक्टर स्तर के नामांकित प्रतिनिधि को अध्यक्ष तथा एसपी द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के नामांकित प्रतिनिधि, नगर निगम आयुक्त अथवा उसके द्वारा नामांकित प्रतिनिधि, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अथवा उनके द्वारा नामांकित प्रतिनिधि को सदस्य बनाया गया था।

अनुविभागीय दंडाधिकारी स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। स्पेशल टॉस्क फोर्स प्रदेश में प्लास्टिक कैरीबैक पर लागू प्रतिबंध को प्रभावी बनाने और अन्य सिंगल यूज प्लास्टिक विलोपन हेतु स्थानीय नागरिकों,विद्यार्थियों , सामाजिक संगठनों ,स्थानीय इको क्लब के साथ समन्वय एवं सहयोग कर नियमों की जानकारी हेतु जन जागरुकता के कार्यक्रम आयोजित कर कलेक्टर के माध्यम से नगरीय प्रशासन विभाग को प्रतिवेदन उपलब्ध कराएंगे।

राज्य स्तरीय मानीटरिंग समिति भी स्पेशल टॉस्क फोर्स द्वारा की गई कार्यवाही की समय-समय पर समीक्षा करेगी।  केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने जिले के टास्क फोर्स में कलेक्टरों को अध्यक्ष नहीं बनाए जाने पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद नियमों में बदलाव कर कलेक्टरों को अब यह जिम्मेदारी दी गई है।