जम्मू ड्रोन अटैक: ड्रोन की आसान उपलब्धता एक चुनौती : आर्मी चीफ नरवणे

नई दिल्ली
जम्‍मू-कश्‍मीर में भारतीय वायुसेना के बेस पर 27 जून को ड्रोन से आतंकियों ने 2 धमाकों को अंजाम दिया गया था। इस हमले के बाद अब सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे कहा कि ड्रोन की आसान उपलब्धता एक चुनौती है। इसके साथ ही आर्मी चीफ ने कहा कि भारतीय सेना ऐसे खतरों से निपटने की क्षमता को विकसित कर रही हैं। बता दें कि रविवार (27 जून) को जम्मू में इंडियन एयरफोर्स के बेस के अंदर आतंकी हमला को अंजाम दिया गया। इस हमले में दो ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि उस विस्फोट में किसी विमान को कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन 2 सुरक्षा कर्मियों को मामूली चोटें आई थी। इस हमले के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। साथ ही एयरफोर्स स्‍टेशन पर एंटी ड्रोन सिस्टम भी लगाया गया है।

इस बीच ड्रोन हमले पर जनरल नरवणे ने कहा कि ड्रोन की आसानी से उपलब्धता ने निश्चित रूप से जटिलता और चुनौतियों को बढ़ा दिया है। उन्‍होंने बताया कि हम इस तरह के ड्रोन हमले के खतरों से निपटने के लिए हम गतिज और गैर-गतिज दोनों क्षेत्रों में ड्रोन खतरों से निपटने की क्षमता विकसित कर रहे हैं। सेना प्रमुख ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में हमारे पास एक मजबूत आतंकवाद विरोधी और घुसपैठ रोधी ग्रिड है और शांति सुनिश्चित करने के लिए हमारा अभियान जारी रहेगा। 

बकौल जनरल नरवने हमेशा ऐसे तत्व होंगे जो शांति और विकास की प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश करेंगे और हमें इसे पूरा करना होगा। जम्मू एयर बेस ड्रोन हमले में नया खुलासा, 2 सुरक्षाकर्मियों ने आखिरी 30 सेकंड के बारे में बताया उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में कोई घुसपैठ नहीं हुई है और कश्मीर में आतंकवादियों की संख्या में भी कमी आई है। उनके मुताबिक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति कायम करने का फैसला डीजीएमओ की बातचीत के बाद किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कम हुई है और आतंकी गतिविधियां भी कम हैं। हालांकि कुछ हमलों की सूचना मिली है।