रायपुर
रायपुर सराफा एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में इंडियन एसोसिएशन हॉलमार्क सेंटर छत्तीसगढ़ चैप्टर के सहयोग से होटल मधुबन में नवीन हॉलमार्किंग लाइसेंस रजिस्ट्रेशन शिविर के दूसरे और अंतिम दिन काफी संख्या में सराफा कारोबारी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जुटे रहे। कोरोना नियमों का पालन करते हुए सभी कारोबारियों ने बारी-बारी से अपना पंजीयन करवाया।
रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि 16 जून से हॉलमार्किंग किए गए सोने के जेवरों की बिक्री की जाएगी जिसके लिए भारतीय मानक ब्यूरो ने देश भर के सराफा कारोबारियों से हॉलमार्किंग के लिए पंजीयन कराने की अपील की हैं, वहीं उनके बीच जो भ्रांतियां हैं उसे भी दूर किया जा रहा हैं। मालू ने बताया कि गहने पर बीआईएस का लोगो होगा जो कि ये संकेत देगा कि गहना लाइसेंस वाली लैब में वैरिफाई किया गया है। इसके साथ ही उसमें एसेइंग सेंटर का मार्क या नंबर होगा। इसके साथ ही ज्वेलर्स का आईडी नंबर भी होगा। मालू ने बताया कि अभी जो नवीन हॉलमार्किंग लाइसेंस लिया जा रहा हैं उसमें 22 कैरेट, 18 कैरेट और 14 कैरेट के हॉलमार्किंग वाले गहनों की बेचने की अनुमति होगी, लेकिन रायपुर सराफा एसोसिएशन की ओर से केंद्रीय उपभोक्ता मंत्री पीयूष गोयल से लगातार पत्र व्यवकार कर 20 कैरेट गोल्ड ज्वलेरी को भी हॉलमार्किंग की मान्यता देने की मांग कर रहे हैं। 20 कैरेट गोल्ड ज्वलेरी की आज भी ज्यादा मांग है और यह आम आदमी की बजट में सबसे कम में आने के साथ ही यह ज्वलेरी अत्यधिक मजबूत होने के साथ ही कम वजन में बन जाता हैं।
मालू बताया कि आज दूसरे राजधानी रायपुर के अलावा इससे लगे आसपास सराफा कारोबारी भी नवीन लाइसेंस लेने के पहुंचे थे। सभी कारोबारियो ने कोविड नियमों का पालन करते हुए शारीरिक दूरी और मास्क पहनकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए बैठे थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल बरडिया, धरम भंसाली,, नरेंद्र गुग्गड़, रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू, लक्ष्मीनारायण लाहोटी, दीपचंद कोटडिया, देवेंद्र सोनी रविकांत लुक्कड़ के अलावा सराफा कारोबारी उपस्थित थे।














