भोपाल
प्रदेश सरकार की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने से काम में देरी हो रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और योजनाओं के ताजा अपडेट जानने के बाद इसके क्रियान्वयन में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए कहा है। इन परियोजनाओं में भू अर्जन और एनओसी के काम पेंडिंग हैं जिसके लिए कलेक्टरों को काम तेज करने के लिए कहा गया है। अटल एक्सप्रेस वे की डीपीआर बनाने का काम लगभग 4 माह पहले पूर्ण कर लिया गया है लेकिन भू-अर्जन, वन-राजस्व की एनओसी सहित अन्य कार्य पेंडिंग हैं। भिण्ड, मुरैना और श्योपुर कलेक्टर तथा चंबल संभागायुक्त से इस काम में तेजी लाने के लिए कहा गया है।
यह प्रोग्रेस-वे 312 किलोमीटर मध्यप्रदेश के मुरैना, भिण्ड, श्योपुर जिले के 153 ग्रामों से गुजरेगा। साथ ही 30 किलोमीटर राजस्थान और 18 किलोमीटर उत्तर प्रदेश राज्य में गुजरेगा। मध्यप्रदेश की सीमा में पड़ने वाली 1500 हेक्टेयर शासकीय भूमि, नेशनल हाइवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया को हस्तांतरित की जा चुकी है तथा 284 हेक्टेयर वन भूमि से अनापत्ति के लिए प्रस्ताव भारत शासन को भेजा गया है। तीन जिलों में 1250 हेक्टेयर निजी भूमि के लिए किसानों से सहमति का कार्य किया जाना है। इसके अपडेट लेने और काम में तेजी के लिए कहा गया है। इसी तरह नर्मदा एक्सप्रेस वे के काम में भी तेजी लाने को लेकर चर्चा की गई।
सीएम चौहान आज मंत्रालय में स्लीमनाबाद टनल निर्माण संबंधी कार्यवाही की समीक्षा भी करेंगे। इस टनल के जरिये नर्मदा का पानी कटनी सतना ले जाने की तैयारी है। सीएम आज पीईबी द्वारा आयोजित चयन परीक्षाओं की समीक्षा बैठक भी लेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के संबंध में बनाए गए टास्क फोर्स कमेटी की अनुशंसाओं को लेकर भी अफसरों से चर्चा करेंगे।













