भोपाल
आंधी के साथ तेज बारिश की वजह से प्रदेश में केला, मूंग सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जाएगा। राजस्व और कृषि विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी क्षति का आकलन करने के बाद सरकार को रिपोर्ट देंगे, जिसके आधार पर राहत देने संबंधी निर्णय लिया जाएगाा। वहीं, किसानों को मूंग का समर्थन मूल्य दिलाने के लिए सरकार जल्द ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करेगी। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद खरीद के स्वरूप को लेकर निर्णय इसी सप्ताह किया जाएगा।
प्रदेश में इस बार छह लाख 56 हजार हेक्टेयर में मूंग की फसल बोई गई है। इसमें अधिकांश क्षेत्र हरदा, होशंगाबाद और नरसिंहपुर जिले का है। रायसेन, विदिशा और सीहोर में भी किसान मूंग की खेती करने लगे हैं। पिछले दिनों हुई बारिश से यहां कुछ हिस्से में ऐसी फसल प्रभावित हुई है, जिसकी बोवनी पहले हो गई थी। फसल पकने के कारण यहां बारिश से नुकसान हुआ है। हालांकि, कृषि मंत्री कमल पटेल का कहना है कि इस बार मूंग की फसल बेहतर है। हरदा और होशंगाबाद में जब फसल को पानी की जरूरत थी, तब तवा नहर से पानी छुड़वाया गया। यही वजह है कि इस बार उत्पादन अधिक रहने की उम्मीद है।













