नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो चुके हैं। वहीं, नरेंद्र मोदी को बतौर पीएम 7 साल बीत चुके हैं। मोदी सरकार के इन सात सालों के काम को जनता ने कितना सराहा, एक सर्वे किया है। इस समय कोरोना महामारी से निपटने के लिए पीएम मोदी के शासन मॉडल का न केवल लिटमस टेस्ट चल रहा है बल्कि एनडीए सरकार को बेरोजगारी, आर्थिक संकट, किसानों के संकट सहित अन्य अभूतपूर्व चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
कोरोना महामारी के बीच BJP कैसे मना रही है ये दिन एनडीए सरकार की सबसे बड़ी नाकामयाबी विधानसभा चुनावों में उसका निराशाजनक प्रदर्शन रहा, जहां उसे न केवल तमिलनाडु में हार मिली बल्कि पश्चिम बंगाल में भी उसे ममता बनर्जी की पार्टी से करारी हार का सामना करना पड़ा। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, तीन तलाक को खत्म करने और यहां तक कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के ऐतिहासिक फैसले के लिए एक तरफ जहां मोदी सरकार को वाहवाही मिली वहीं दूसरी तरफ कोरोना वायरस को लेकर कुप्रबंधन ने सरकार की खूब किरकिरी कराई।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव के ट्रांसफर पर बोले सुवेंदु अधिकारी, ये फैसला सही है, उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़ा है मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा होने पर देश में लॉकडाउन था, लेकिन उस समय बीजेपी उत्साहित थी, लेकिन अब पहले जैसे हालात नहीं हैं। जनता का मूड जानने के लिए एबीपी न्यूज और सी-वोटर ने देश के अलग-2 राज्यों के लोगों से बातचीत की। 60% जनता सरकार के काम से खुश सी-वोटर के सर्वे के अनुसार 60 प्रतिशत जनता मोदी सरकार के काम से खुश दिखी। सर्वे के अनुसार 60 फीसद लोग मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में किये गए कार्यों से आंशिक और पूर्ण रूप से संतुष्ट दिखी। यहां यह बात ध्यान देने वाली है कि सर्वे में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का एक बड़ा हिस्सा मोदी सरकार के काम से असंतुष्ट दिखा। हालांकि 60% लोग मोदी सरकार के काम से आंशिक और पूर्ण रूप से संतुष्ट दिखे। यानि की पीएम मोदी की लोकप्रियता अभी भी जनता के बीच ठीक-ठाक बनी हुई है।
31 प्रतिशत लोग मोदी सरकार के काम से बहुत अधिक संतुष्ट दिखे वहीं 37 प्रतिशत लोगों ने काम के प्रति असंतुष्टि व्यक्त की, जबकि 28 फीसद लोग सरकार के काम से आंशिक रूप से संतुष्ट दिखे। पीएम मोदी के काम से कितने लोग संतुष्ट पीएम मोदी को लेकर पूछे गए इस सवाल पर 37 फीसद लोगों ने उनके काम को लेकर संतुष्टि जताई वहीं, 36% लोगों ने उन्हें नकार दिया, जबकि 25% लोग आंशिक तौर पर उनके काम से संतुष्ट दिखे वहीं 2 फीसद लोगों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।












