मुजफ्फरपुर
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के तेपरी गांव में पांच हजार से अधिक की आबादी में अब तक मुश्किल से 40 फीसदी लोगों ने भी टीका नहीं लगाया है। टीका नहीं लगाने के पीछे कई लोगों की परेशानी है कि उनके पास स्मार्टफोन नहीं है। कुछ लोग इससे टीकाकरण से वंचित हैं कि उन्हें रजिस्ट्रेशन या स्लॉट बुकिंग करने नहीं आ रहा है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो टीकाकरण के बारे में अफवाह सुनकर इससे भाग रहे हैं। अब गांव के ही चितरंजन दोस्तों के साथ ऐसे लोगों का रजिस्ट्रेशन कराकर उन्हें टीका दिलवा रहे हैं।
अपने या परिजनों के मोबाइल और लैपटॉप से ये अपने दोस्तों के साथ मिलकर गांव के घर में घूम-घूम कर लोगों का रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। दरअसल, विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाले ये युवा छात्र संघ की मदद से अलग-अलग कॉलेज के छात्रों को जोड़ा। दरियापुर काफेन में लगभग 10 हजार की आबादी के बीच अब तक 2000 लोगों का भी टीकाकरण नहीं हुआ है। गांव के अंकित कुमार दोस्तों संग अब बुजुर्गों और अन्य लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं और उन्हें टीकाकरण केंद्र तक ले जा रहे हैं। ऐसे एक दो नहीं बल्कि 500 युवा हैं, जो स्मार्टफोन नहीं होने से जांच और टीकाकरण से वंचित गांव मोहल्लों के हीरो बनकर उभरे हैं। इन युवाओं ने बंदरा, कुढ़नी, मुशहरी, पारू, गायघाट समेत अन्य प्रखंड के गांवों में नेटवर्क तैयार किया गया है।
टीकाकरण केंद्र तक ले जाते हैं
खखरा गांव के धीरज कुमार, कटरा में पुष्कर, गायघाट में अभिषेक, मुशहरी के श्याम कहते हैं कि ऐसे बुजुर्ग या ऐसे लोग जो टीकाकरण केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिनके पास आने-जाने की व्यवस्था नहीं है। उनके लिए भी हम व्यवस्था कर रहे हैं। जिन युवाओं के पास मोटरसाइकिल या अन्य गाड़ी है, वह उन्हें लेकर जाते हैं और टीका दिलवा कर वापस लाते हैं।












