रायपुर। एल्युमीनियम और वैल्यू एडेड एल्युमीनियम उत्पादों की भारत की सबसे बड़ी उत्पादक वेदांता एल्युमीनियम एंड पावर बिजनेस ने कोविड टीकाकरण की प्रक्रिया को गति दी है और छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बाल्को व ओडिशा के झरसुगुड़ा और लांजीगढ़ 7500 से ज्यादा लोगों का अब तक टीकाकरण कराया है। साथ ही कंपनी ने महामारी से निपटने के लिए ओडिशा और छत्तीसगढ़ के अपने दूरदराज के संयंत्रों में कोविड केयर सेंटर्स और क्वारंटाइन सेंटर्स की क्षमता भी बढ़ाई है। वहीं कोरोना की दूसरी लहर के खिलाफ कंपनी के चेयरमेन अनिल अग्रवाल ने 150 करोड़ रुपये की सहायता भी प्रदान की हैं।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में 550 से ज्यादा बेड वाले कोविड केयर सेंटर्स जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल कर्मियों से लैस हैं, जिससे कोविड से प्रभावित लोगों की पर्याप्त देखभाल सुनिश्चित हो रही है। इनके साथ-साथ आइसोलेशन और इलाज के बाद रिकवरी के लिए क्वारंटाइन सेंटर भी तैयार किए गए हैं। वेदांता आसपास के प्रभावित लोगों के इलाज के लिए झारसुगुड़ा के जिला कोविड अस्पताल को भी मदद दे रही है। ओडिशा के कालाहांडी जिले के भवानीपटना स्थित जिला कोविड अस्पताल में कंपनी आक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगा रही है। हाल ही में कंपनी ने भवानीपटना के जिला सरकारी अस्पताल में 10,000 आरटीपीसीआर टेस्टिंग किट उपलब्ध कराई थीं। वेदांता आसपास के क्षेत्रों में टीकाकरण के लिए स्थानीय प्रशासन को भी मदद मुहैया करा रही है। कंपनी के अपने अस्पताल भी कोविड के खिलाफ लड़ाई में संबंधित जिला प्रशासन की मदद के लिए तैयार हो रहे हैं। कंपनी दोनों राज्य सरकारों के साथ मिलकर कोविड प्रबंधन की दिशा में अपने प्रयासों को गति देने और जरूरत के मुताबिक, कोविड के इलाज के लिए सभी जरूरी मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर से लैस स्टेट आॅफ द आर्ट फील्ड हॉस्पिटल तैयार करने की भी योजना बना रही है।
महामारी की दूसरी लहर के प्रबंधन की दिशा में चल रहे प्रयासों में मदद के लिए वेदांता के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल ने 150 करोड़ रुपये की मदद दी है। पिछले साल कोविड के खिलाफ लड़ाई में वेदांता ने पीएम केयर्स फंड में 201 करोड़ रुपये का सहयोग किया था और देशभर में दैनिक कामगारों की सहायता की थी। अपने सभी संयंत्रों में कर्मचारियों और कारोबारी सहयोगियों की मदद एवं उनकी प्रिवेंटिव हेल्थ की दिशा में सहयोग किया था।














