सचिवालय में मृतक आश्रित कोटे से नौकरियों की मांग बढ़ी, पद कम

 लखनऊ  
कोरोना का दूसरा चरण कितना भयावह है, इसका अनुमान सरकारी विभागों में मृतक आश्रित कोटे से नौकरियों की मांग बढ़ने से लगाया जा सकता है। सचिवालय के भी तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों की जान कोरोना संक्रमण से जा चुकी है। जिसे संज्ञान में लेते हुए सचिवालय में कंप्यूटर सहायक के पदों में मृतक आश्रितों का कोटा बढ़ाने की मांग सचिवालय संघ ने की है। लिखा है कि मृतक आश्रितों के लिए कंप्यूटर सहायक के महज 20 पद ही निर्धारित हैं, जिसे बढ़ाया जाना जरूरी है। 

सचिवालय संघ के सचिव ओंकार नाथ तिवारी ने अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन हेमंत राव को यह मांग पत्र दिया है। लिखा है कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक चयन वर्ष में मृतक आश्रित कोटा से कंप्यूटर सहायक के पद पर नियुक्ति के लिए निर्धारित 20 पद की सीमा को शिथिल किया जाए। जिससे सभी आवेदक आश्रितों को नौकरी मिल सके। 20 पद की सीमा का निर्धारण सामान्य परिस्थितियों के लिए किया गया था, अब परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। 

मृतक आश्रितों को तृतीय श्रेणी के पद कंप्यूटर सहायक पर मिलती है तैनाती
संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्र ने बताया है कि सचिवालय सेवा के कंप्यूटर सहायक से लेकर विशेष सचिव स्तर तक के अधिकारियों का निधन सेवाकाल में होने पर उनके आश्रित यदि 12वीं पास हैं या और अधिक शिक्षित हैं तो उन्हें तृतीय श्रेणी के पद कंप्यूटर सहायक के पद पर आश्रित कोटे से नौकरी दी जाती है। 10वीं तक पढ़े लिखे आश्रितों को चतुर्थ श्रेणी में नौकरी दिए जाने की व्यवस्था है। मृतक आश्रित कोटे के अधिकांश आवेदक कंप्यूटर सहायक पद पर भर्ती पाने की योग्यता रखते हैं। यादवेंद्र मिश्र का मानना है कि जो सूचनाएं आ रही हैं उसके मुताबिक कोरोना के चलते मृतक आश्रित कोटा बहुत कम पड़ जाएगा। जिन कार्मिकों का निधन हुआ है उनके परिवार में अभी गम का माहौल है। स्थितियां थोड़ी सामान्य होते ही बड़ी संख्या में आश्रित कोटे से नौकरियों के लिए आवेदन आएंगे। कुछ आवेदन आने शुरू भी हो गए हैं।