हर साल रिवाइज होंगे निर्माण संबंधी कार्यों की शिड्यूल ऑफ रेट

भोपाल
प्रदेश में अब हर साल शहरी क्षेत्र में होने वाले निर्माण संबंधी कार्यों की एसओआर (शिड्यूल आॅफ रेट) दरें रिवाइज की जाएंगी। अभी तक ऐसा नहीं होता था। नौ साल बाद प्रदेश में नगरीय निकायों में कराए जाने वाले वाटर सप्लाई, सीवरेज और सड़कों के निर्माण कार्य की एसओआर दर अब 29 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है। यह प्रोजेक्ट कास्ट दस साल पहले मई 2012 में लागू की गई एसओआर दर में बदलाव के बाद लागू की गई है। इसका सीधा असर प्रोजेक्ट की लागत पर पड़ सकता है क्योंकि ठेकेदार एसओआर से बढ़ी दर पर ही काम लेने में रुचि दिखाते हैं। हालांकि नगरीय विकास विभाग के अफसरों का कहना है कि इससे प्रोजेक्ट महंगे नहीं होंगे।

नगरीय विकास और आवास विभाग ने 2 अगस्त से प्रदेश के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में होने वाले अलग-अलग तरह के टेंडर्स के मामले में नई एसओआर दरें लागू की हैं। नौ साल बाद लागू की गई इन नई दरों में मौजूदा प्रोजेक्ट कास्ट के आधार पर अधिकतम 29 प्रतिशत तक की वृद्धि की स्वीकृति दी गई है। नगरीय विकास विभाग द्वारा निर्माण कार्यों में कसावट और गुणवत्ता के मद्देनजर ये बदलाव किए गए हैं। साथ ही विभाग चाहता है कि अलग-अलग सेक्टर के ठेकेदारों में प्रतिस्पर्धा हो और कम समय में अच्छे काम नई तकनीकी के साथ कराने में आसानी हो, इसलिए एसओआर दरें इसमें सहयोगी होंगी।

अभी कई अच्छे ठेकेदार एसओआर दरें कम होने के कारण शहरी क्षेत्र में कराए जाने वाले कामों के लिए टेंडर प्रक्रिया में ही शामिल नहीं होते हैं क्योंकि पुराने एसओआर दर पर ज्यादा बढ़ी राशि मंजूर नहीं होती है। अब नई दरों के आने के बाद काम्पटीशन बढ़ेगा। उधर इस मामले में यह भी कहा जा रहा है कि प्रदेश में जो भी नए काम शहरों में होंगे, वे महंगे हो जाएंगे क्योंकि कमीशनबाजी में उलझी शहरों की विकास प्रक्रिया में ठेकेदार नए रेट्स आने के बाद भी एसओआर दरें बढ़ाकर ही टेंडर भरेंगे।  

विभाग द्वारा जो नई एसओआर दरें तय की गई हैं, उसमें वाटर सप्लाई और सीवरेज के काम के लिए प्रोजेक्ट के आधार पर 20 से 29 प्रतिशत अधिक, भवन निर्माण के लिए 15 से 20 प्रतिशत अधिक, सड़क निर्माण के लिए 15 से 29 प्रतिशत तक अधिक दर शामिल है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वर्क के लिए दस प्रतिशत कम से लेकर पांच प्रतिशत अधिक तक एसओआर मंजूर किए जा सकेंगे।

 

शहरी क्षेत्र में संचालित प्रोजेक्ट्स की लागत पर नई एसओआर दरें लागू होने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि अभी ठेकेदार बढ़े हुए एसओआर टेंडर में भरते रहे हैं। नई दरें आने से सही रेट मिलने पर काम्पटीशन बढ़ेगा। अब हर साल एसओआर दरें रिवाइज की जाएं ताकि समय के साथ विकास कार्यों पर असर न पड़े। हर साल नए आइटम और तकनीकी सामने आती है, रेट्स रिवाइज करने के दौरान इसका भी ध्यान रखा जाएगा।
निकुंज श्रीवास्तव, आयुक्त, नगरीय विकास और आवास विभाग