नई दिल्ली
प्रधानमंत्री राहत कोष के तहत दिल्ली सरकार को गरीबों को बांटने के लिए मिला अनाज स्कूल में ही सड़ गया। यह अनाज पिछले साल कोरोना काल में गरीबों और जरूरतमंद लोगों को बांटने के लिए दिया गया था। वसंत कुंज वार्ड के निगम पार्षद मनोज महलावत ने बताया कि मसूदपुर के जिस निगम प्राथमिक स्कूल में यह अनाज रखा हुआ था उसके आसपास भयंकर दुर्गंध आ रही थी। इस बारे में नई दिल्ली जिले के एडीएम ने कहा है कि पूरे मामले की जानकारी हासिल करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शनिवार को प्रशासन का पक्ष रखा जाएगा।
उन्होंने प्रिंसिपल से संपर्क कर स्कूल के हॉल का ताला खुलवाया तो देखा वहां सैकड़ों टन गेहूं और चावल बोरों में सड़ गया है। उसमें फंगस लग गया और कीड़े तक पड़ गए हैं। मनोज ने बताया कि दस्तावेज के हिसाब से यह 647 टन अनाज है। लॉकडाउन के दौरान पिछले साल प्रधानमंत्री राहत कोष से यह अनाज दिल्ली सरकार को गरीबों को बांटने के लिए दिया गया था। इसे लोगों को बांटने की बजाय निगम के स्कूल में रखवा दिया गया और यहीं रखे-रखे यह सड़ गया।
मनोज महलावत ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल ने भी दिल्ली सरकार के अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया था कि अनाज खराब हो रहा है। उसे यहां से हटवा लिया जाए लेकिन अधिकारियों ने नहीं सुनीं।
वहीं, स्थानीय विधायक नरेश यादव ने बताया कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। हो सकता है कि कुछ अनाज बांटने के बाद बच गया हो और वही खराब हो गया हो। उन्होंने कहा कि यह पिछले साल का ही अनाज होगा क्योंकि इस साल इस स्कूल में अनाज वितरण सेंटर या गोदाम नहीं बनाया गया है। इस बार तीन अलग स्कूलों में वितरण सेंटर बनाए गए हैं।













