सीधी
शिकायत पत्र के माध्यम से एस पी सीधी की अनाप-शनाप कार्य प्रणाली को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाकर एसपी पंकज कुमावत के विरुद्ध कार्यवाही का आग्रह किया गया है। शिकायत पत्र मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर सीधी को भेजा गया है। पत्र में लेख किया गया है कि सीधी जिले के एसपी पंकज कुमावत का जोर परिणाम दायक कार्यवाही के बजाय प्रोपोगंडाबाजी का रहता है। इनका कार्य व्यवहार प्रभावशीलों के प्रभाव से प्रभावित रहता है साथ ही अपने चहेते पुलिस कर्मियों के गलत सलत कामों में संरक्षण देकर प्रोत्साहित किया जाता है। परिणाम है कि SP सीधी के लचरपन के चलते जिले में चोरियों की बाढ़ आई हुई है।
शिकायत पत्र में अपने यहां हुई चोरी का उल्लेख करते हुए बताया है कि मेरे घर में लगभग 4.50 लाख कीमती की चोरी चोरों ने की थी (नगदी एवं जेवरात मिलाकर)। मेरे रिपोर्ट पर पुलिस चौकी सेमरिया थाना चुरहट जिला सीधी में अपराध क्रमांक 325 /18 धारा 457, 380, 411, 201 का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। कारित अपराध के विवेचना अधिकारी आकाश सिंह राजपूत ने आरोपी के बचाव अनुसार विवेचना की गई, आरोपी को अग्रिम जमानत देते समय माननीय न्यायालय ने भी ऐसा ही माना है। विवेचक के खिलाफ कार्यवाही हेतु SP सीधी को 26 जून 2019, 23 जुलाई 2019 और 23 सितम्बर 2019 को आवेदन पत्र दे कर (सभी पत्र संलग्न है) तथा कई बार ब्यक्तिशः मिलकर एवं कई बार मोबाइल से निवेदन किया गया। मेरे आवेदन पत्र पर SDOP चुरहट से प्रतिवेदन चाहा गया अपने प्रतिवेदन में SDOP महोदय ने विवेचक को दोषी बताया है।
दोषी विवेचक आकाश सिंह को बचाने की नियत से SP महोदय कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। SP सीधी को आकाश सिंह राजपूत के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु आदेशित करने तथा दोषी को बचाने की नीयत से आवेदन पत्र के निराकरण करने में देरी करने के दोषी SP सीधी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही का आग्रह किया गया है।















