सीएम योगी को बीजेपी MLC ने खुशी दुबे की रिहाई के लिए लिखा पत्र

लखनऊ
कानपुर के बिकरू शूटआउट कांड से चर्चाओं में आईं विकास दुबे के शॉर्प शूटर अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे एक बार फिर चर्चाओं में है। दरअसल, खुशी दुबे के इस बार चर्चा का कारण भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एमएलसी उमेश द्विवेदी का सीएम योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र है। बीजेपी एमएलसी उमेश द्विवेदी ने सीएम योगी आदित्यनाथ पत्र लिखकर खुशी दुबे की रिहाई का मामला उठाया है। आपको बता दें कि इससे पहले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं यूपी प्रभारी संजय सिंह ने खुशी की रिहाई की मांग उठाई थी। बीजेपी एमएलसी उमेश द्विवेदी ने अपने पत्र में लिखा, '10 माह पूर्व बिकरू कांड में एक महिला खुशी दुबे की शादी 9 दिनों पहले ही हुई थी और उसे गिरफ्तार किया गया। आज 10 महीने बाद भी उसके ऊपर कोई आरोप तय नहीं हुआ है। इसके बावजूद भी उसे जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ रहा है। पत्र में आगे जिक्र करते हुए उमेश द्विवेदी ने लिखा कि खुशी दुबे का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। खुशी गंभीर अवस्था में राजधानी लखनऊ के मेदांता अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। ऐसी स्थिति में उसका बेहतर इलाज किया जाए और यदि अब तक उसके ऊपर कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है तो उसे रिहा कर दिया जाए।

संप्रक्षण गृह में बंद है खुशी दुबे
खुशी को शूटआउट के बाद गिरफ्तार किया था। हालांकि वह नाबालिग थी। इसलिए कोर्ट के आदेश पर खुशी को 14 सितंबर, 2020 को बाराबंकी संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया था। खुशी की अमर दुबे से 29 जून, 2020 को शादी हुई थी। इसके बाद 2 जुलाई, 2020 को बिकरू में पुलिस टीम पर हमला करने में आरोपी पाए गए अमर दुबे को पुलिस मुठभेड़ में आठ जुलाई को मार दिया गया था। इसके बाद 10 जुलाई को एसटीएफ की टीम ने विकास दुबे का एनकाउंटर कर दिया था।
 
क्या है कानपुर शूटआउट?
कानपुर के चौबेपुर थाना के बिकरु गांव में 2 जुलाई की रात गैंगस्टर विकास दुबे और उसकी गैंग ने 8 पुलिसवालों की हत्या कर दी थी। अगली सुबह से ही यूपी पुलिस विकास गैंग के सफाए में जुट गई। 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर से सरेंडर के अंदाज में विकास की गिरफ्तारी हुई थी। 10 जुलाई की सुबह कानपुर से 17 किमी पहले पुलिस ने विकास को एनकाउंटर में मार गिराया था। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी विकास दुबे समेत छह एनकाउंटर में मारे गए थे।