काबुल
काबुल पर कब्जा करने के एक हफ्ते बाद तालिबान ने रविवार को कहा कि वह जल्द ही अफगानिस्तान में एक नई सरकार के गठन की घोषणा कर सकता है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि अफगान राजनीतिक नेताओं के साथ एक नई सरकार के गठन पर बातचीत चल रही है और जल्द ही एक नई सरकार की घोषणा की जाएगी। अफगानिस्तानी चैनल टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा, हमारे राजनीतिक अधिकारियों ने यहां काबुल में नेताओं से मुलाकात की, उनके विचार महत्वपूर्ण हैं, चर्चा चल रही है, इंशाअल्लाह, जल्द ही सरकार की घोषणा की उम्मीद है। तालिबान समूह के एक नेता ने बताया कि तालिबान के को-फाउंडर और डिप्टी लीडर मुल्ला अब्दुल गनी बरादर शनिवार को काबुल पहुंचे, ताकि ताकि सरकार बनाने के लिए अफगान राजनीतिक नेताओं के साथ औपचारिक चर्चा शुरू हो सके।
शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति से मिले थे अफगान नेता
वहीं, तालिबान के नेता शनिवार को पूर्व राष्ट्रपति हामित करजई और हाई काउंसिल फॉर नेशनल रिकॉन्सिलेशन (एचसीएनआर) के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला सहित कई राजनेताओं से मुलाकात की। रिपोर्ट के अनुसार इन नेताओं के बीच भी देश में एक नई सरकार के गठन को लेकर और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा हुई। अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने एक फेसबुक पोस्ट में तालिबान नेताओं के साथ बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि चर्चा राजनीतिक प्रक्रिया और समावेशी सरकार के गठन पर केंद्रित थी। वहीं, कुछ अफगान नेताओं ने इस तरीके की बातचीत की आलोचना करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रक्रिया समावेशी होनी चाहिए।
बातचीत के तरीके पर उठने लगे सवाल
नहज़त-ए-हंबस्तगी अफगान पार्टी के प्रमुख सैयद इशाक गिलानी ने कहा, मैं इस गेम को एक अच्छे गेम के रूप में नहीं देखता क्योंकि यह व्यक्तियों के गेम की तरह दिखता है, हर कोई खुद को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है और अफगानों के प्रति सम्मान नहीं दिखाता है। वहीं, बल्ख के पूर्व गवर्नर अट्टा मोहम्मद नूर ने कहा कि अगर बातचीत समावेशी नहीं है तो अगली सरकार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।














