विमान पत्तन प्राधिकरण ने सीएस को फिर भेजा रिमाइंडर, अवैध कब्जा की रिपोर्ट देने आ रहा पसीना

भोपाल
भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण द्वारा प्रदेश सरकार से मांगी गई हवाई पट्टी पर अतिक्रमण की रिपोर्ट तैयार करने में राजस्व विभाग के अफसरों को पसीना आ रहा है। राजस्व विभाग के अधिकारी तीन माह में सतना हवाई पट्टी पर किए गए अतिक्रमण की जानकारी विमान पत्तन प्राधिकरण को नहीं भेज सके हैं। इसके बाद प्राधिकरण ने एक बार फिर मुख्य सचिव को रिमाइंडर भेजकर जानकारी मांगी है। इसके बाद राजस्व विभाग ने सतना कलेक्टर को जानकारी भेजने के लिए कहा है। इस मामले में वोटबैंक की राजनीति करने वाले सतना के राजनेताओं ने अब रिपोर्ट न भेजने के लिए दाव पेंच लगाने शुरू कर दिए हैं।

राजस्व विभाग द्वारा सतना कलेक्टर को भेजे पत्र में कहा गया है कि भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण ने 21 अप्रेल को पत्र भेजकर सतना हवाई पट्टी की 451 एकड़ जमीन में से 31 एकड़ भूमि पर किए गए कब्जे के मामले में पूरी रिपोर्ट मांगी थी। इसमें कहा गया था कि हर अतिक्रामक की सूची भी उपलब्ध कराई जाए ताकि यह पता चल सके कि कितने रकबे में किसने अतिक्रमण कर रखा है। इसके साथ ही अतिक्रमण कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के बारे में भी प्राधिकरण ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। साढ़े तीन माह बाद भी सतना कलेक्टर यह रिपोर्ट राज्य शासन को नहीं भेज सके हैं। इसके चलते राज्य सरकार ने भी प्राधिकरण को रिपोर्ट नहीं दी है। उधर सूत्रों का कहना है कि हवाई पट्टी की जमीन पर अतिक्रमण कराने का काम सतना के राजनेताओं और अफसरों की गठजोड़ से हुआ है। इस रिपोर्ट के तैयार होते ही कई राजनेताओं का वोट बैंक प्रभावित होगा तो अफसरों पर भी कार्यवाही की स्थिति बन सकती है। इसलिए इसे भेजने में आनाकानी शुरू हो गई है।

प्राधिकरण ने सतना कलेक्टर को सीधे भी पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि सतना हवाई अड्डा भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण दिल्ली के अधीन है परंतु इसकी जमीन पर अतिक्रमण भूमाफिया और नागरिकों के लिए व्यवसाय बन गया है। हवाई अड्डे की कुल जमीन में से 110 एकड़ ही बची है और 341 एकड़ पर कब्जा कर लिया गया है जो बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण है। वर्ष 1943 से इस जमीन पर प्राधिकरण का आधिपत्य है। प्राधिकरण ने सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को दुखद बताते हुए कहा है कि पूरे 451 एकड़ जमीन का राजस्व नक्शा दिया जाए। साथ ही सूची भी उपलब्ध कराई जाए।