विकास दुबे के खैरख्‍वाह 37 पुलिसवालों की जांच पूरी, सजा मिलनी तय

 कानपुर 
कानपुर के बहुचर्चित विकास दुबे एनकाउंटर केस (बिकरू कांड) में खाकी को दागदार करने वालों की सजा तय हो गई है। इनमें वह पुलिस कर्मी शामिल है जिन्होंने कहीं न कहीं विकास दुबे को कानून के शिकंजे से निकालने का काम किया या फिर उसके काले कारनामों पर पर्दा डाला है। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।

आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने बताया इस घटना के बाद तत्कालीन डीआईजी अनंत देव तिवारी समेत 11 सीओ को भी दोषी पाया गया था। इनकी जांच शासन स्तर से हो रही है। यहां पर जो सूची तैयार की गई है। उसमें इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही पद के लोग शामिल है। कार्रवाई होने के बाद इसी की रिपोर्ट एडीजी जोन के जरिए शासन को भेजी जाएगी। कार्रवाई की जो सूची तैयार की गई है उसमें 37 पुलिस कर्मी शामिल है। जिनमें से दो की मौत हो चुकी है।

 वृहद दंड पाने वालों में एसआई चौबेपुर अजहर इशरत, वीरपाल सिंह, विश्वनाथ मिश्रा, सिपाही अभिषेक कुमार का दोष सिद्ध हो चुका है। इन्हें नोटिस जारी की गई है। सिपाही राजीव कुमार को मिसकंडक्ट दिया गया है। वहीं पूर्व एसओ चौबेपुर विनय कुमार तिवारी, हल्का इंचार्ज केके शर्मा के बयान न होने के कारण फैसला नहीं लिया गया है। एसआई थाना कृष्णा नगर लखनऊ अवनीश कुमार सिंह की जांच जारी है।