वाल्मीकिनगर
वाल्मीकिनगर के पीपरा कुट्टी गांव में पोलियो का संदिग्ध मरीज मिला है। संदिग्ध मरीज की पहचान पीपरा कुट्टी गांव निवासी अफ्तर मियां की पुत्री रुबीना नेशा (4) रूप में की गई है। बीते एक सप्ताह से बुखार, उल्टी की शिकायत होने पर निजी क्लीनिक में उसका इलाज किया गया।
पांच दिन बाद भी उसका बुखार नहीं उतरा। बल्कि इसके बाद उसके पैर ने काम करना बंद कर दिया। पिता ने बताया कि बुखार से पहले बच्ची चल-फिर रही थी। लेकिन अब वह दौनों पैरों पर खड़ी भी नहीं हो पा रही है। तब मंगलवार को उसे वाल्मीकिनगर एपीएचसी में ले गया। यहां डॉ. सीमा गिरि ने उसका इलाज शुरू किया।
उन्होंने बताया कि पहली नजर में यह मामला पोलिया का लग रहा है। सही समय पर सही इलाज नहीं होने के कारण इसके दोनों पैर ने काम करना बंद कर दिया है। मामले की सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। निजी डॉक्टर को इसे बेहतर इलाज के लिए पहले ही रेफर कर देना चाहिए था।
डब्ल्यूएचओ के जिला मॉनिटर मनीष कुमार वर्मा ने कहा, 'मरीज के स्टूल का सैंपल लेकर विशेष जांच के लिए चेन्नई भेजने की प्रक्रिया जारी है। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि बच्ची में पोलिया है या नहीं।'















