नई दिल्ली
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि 75 'वंदे भारत' ट्रेनें देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ेगी। पीएम मोदी के एलान के बाद इस योजना को अमलीजामा पहानाने के लिए रेलवे पूरी तरह से तैयार है। भारतीय रेलवे की ओर से इन ट्रेनों में कई प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। भारतीय रेलवे ने ट्रेन में आपात स्थिति के मामले में यात्रियों को आसानी से निकालने के लिए चार आपातकालीन खिड़कियों सहित अतिरिक्त सुविधाओं को पेश करने का निर्णय लिया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी वंदे भारत ट्रेनें उत्तर रेलवे की ओर से शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया गया कि जलवायु नियंत्रण के लिए और सेट पर सभी विद्युत और महत्वपूर्ण प्रणालियों की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत कोच निगरानी प्रणाली भी शुरू की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिएट्रेनों के हर एक कोच में चार आपातकालीन लाइटें भी लगाई गई हैं, जिनका इस्तेमालइमरजेंसी के वक्त किया जासकता है। रेलवे ने बताया कि आपदा के दौरान सामान्य रोशनी नहीं मिलने पर इमरजेंसी लाइट यूज की जा सकती है। इसके लिए इमरजेंसी बटन की संख्या भी बढ़ाकर चार कर दी गई है।
इस नई तकनीक से लैस होगे ट्रेन बारिश के दौरान ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बने अंडरफ्रेम उपकरणों को अपग्रेड किया गया है। यहसिस्टम तैयार होने से बारिश और बाढ़ केपानीसे ट्रेनों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। नई ट्रेनें फायर सर्वाइवल केबल इनडोर सर्किट से भी लैस होंगी, इसके अलावा एसी बोगियों में बिजली कटने पर वेंटिलेशन की उपलब्धता के साथ छत से आने वाली प्यूरीफाई हवा सिस्टम को भी तैयार किया गया है। टेंशन वाली खबर: ग्रीनलैंड समिट में पहली बार बारिश, तेजी से पिघल रही बर्फ, कई शहरों पर खतरा देश में अभी दो वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं बता दें कि देश में अभी दो वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। एक वंदे भारत ट्रेन दिल्ली-वाराणसी रूट पर चलती है और दूसरी दिल्ली-कटरा रूट पर संचालित होती है। इन ट्रेन में ऑनबोर्ड इंफोटेनमेंट, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, स्लाइडिंग दरवाजे और बायो टॉयलेट जैसी विशेषताएं मौजूद हैं।
फिलहाल 44 नई ट्रेंनो के लिए जारी किए गए टेंडर के टाइमलाइन के मुताबिक अगले साल मार्च तक नए बदलाव के साथ दो प्रोटो टाइप ट्रेनें बनकर तैयार होगी। जिनका 3 से 4 महीने तक करीब 1लाख किलोमीटर का ट्रायल होगा। जिसके बाद सितंबर 2022 से प्रोडक्शन शुरू हो जाएगी। उसके बाद 3 महीने के अंतराल में 6 रैक निर्मित हो पाएगी। प्रधानमंत्री के 75 नई ट्रेनें चलाने का टाइमलाइन अगले डेढ़ साल हैं। नई रैक में इमरजेंसी विंडो से लेकर इमरजेंसी लाइट्स, के साथ ही इमरजेंसी पुश बटन, सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग सिस्टम, वेंटिलेशन सिस्टम बिजली नहीं रहने पर। हाई फ्लड प्रोटेक्शन कोटिंग सिस्टम में बदलाव होंगे। बयान के अनुसार, विशेष रूप से मानसून के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बने अंडरफ्रेम उपकरणों की बेहतर बाढ़ सुरक्षा पर्याप्त होगी।














