लाडली लक्ष्मी: सीएम शिवराज के निर्देश के बाद शुरू हुई कवायद

भोपाल
लाडली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत सभी पंजीकृत बालिकाओं को शिक्षा देने के लिए क्लासवार टेÑकिंग की जाना है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद बेटियों की पढ़ाई की टेÑकिंग के लिए पोर्टल बनाने की प्रक्रिया महिला और बाल विकास विभाग ने शुरू कर दी है। इसमें लाडली लक्ष्मी के व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने पिछले दिनों इस योजना को लेकर ली गई बैठक में निर्देश दिए थे कि लाडली लक्ष्मी योजना को शिक्षा और रोजगार से जोड़ा जाएगा। इसके लिए योजना को नया स्वरूप प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बैठक में निर्देश थे कि 12वीं कक्षा के बाद लाडली लक्ष्मी की रुचि, दक्षता और क्षमता के अनुसार उच्च शिक्षा या तकनीकी/व्यवसायिक शिक्षा के लिए मार्गदर्शन और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए काउंसलिंग और कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

बालिकाओं को स्टार्टअप, लघु-मध्यम उद्योग और निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने के लिए भी आवश्यक प्रशिक्षण एवं कौशल उन्नयन के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। महिला और बाल विकास विभाग इसके लिए भी प्लानिंग कर रहा है। योजना में प्रावधान है कि पंजीकृत बालिकाओं को 12वीं कक्षा तक पढ़ाई पूरी करने पर आगे की शिक्षा अथवा व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहन स्वरूप 20 हजार रुपए दिए जाएंगे। एक लाख में से शेष 80 हजार का भुगतान 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर होगा।

 बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए योजना को स्वास्थ्य और पोषण से भी जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य जांचों की व्यवस्था और पोषण आहार की उपलब्धता भी इसमें तय करने की व्यवस्था की जा रही है।

 प्रदेश में 39 लाख 37 हजार बालिकाएं लाड़ली लक्ष्मी योजना में पंजीकृत हैं। लक्ष्मी निधि में 9150 करोड़ रूपए जमा हैं। स्कूल जाने वाली 5.91 लाख बालिकाओं को 136 करोड़ की छात्रवृत्ति का अब तक वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में कक्षा 6 में प्रवेश पर 2 हजार, कक्षा 9 में प्रवेश पर 4 हजार, कक्षा 11 में प्रवेश पर 6 हजार और कक्षा 12 में प्रवेश पर 6 हजार रूपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।