रायपुर,
दो साल बाद, राज्य में खेलों का पुराना दौर लौट रहा है। राजधानी रायपुर के जैनम मानस भवन में सबजूनियर नेशनल फेंसिंग के रोमांचक मुकाबले हुए। आधुनिक खेलों के पूर्व देश में तलवारबाजी का सदियों पुराना इतिहास रहा है। टोक्यो ओलम्पिक-2020 में भावनी देवी (चैन्नई) पहली भारतीय महिला रहीं जिन्होंने तलवारबाजी में भारत का प्रतिनिधित्व कर पहला मैच जीता। भवानी ने पदक न जीतकर भी देश का दिल जीता। अब इस खेल में अपनी प्रतिभा दिखाकर हजारों रुपये जीते जा सकते हैं। जैसा कि रायपुर जिला फेंसिंग एसोसिएशन के सचिव अखिलेश दुबे बताते हैं, भारतीय फेंसिंग महासंघ l
व्यक्तिगत इवेंट में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान पर आने वाले खिलाड़ियों 21 हजार, दूसरे स्थान पर 15 हजार एवं तीसरे स्थान पर 10 हजार तथा टीम इवेंट में स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली टीम को 51 हजार, रजत पदक को 31000 एवं तृतीय को 21000 को नगद पुरस्कार दिए जाएंगे। रायपुर में 15 लाख रुपये की लागत से फेंसिंग का ऑडीटोरियम भी बनाया जाएगा। बहरहाल, नियमों के साथ तलवारबाजी के अनेक दिलचस्प नजारे देखने को मिले। छत्तीसगढ़ प्रदेश फेंसिंग एसोसिएशन के महासचिव बशीर अहमद खान, अखिलेश दुबे (रायपुर जिला) और उनकी टीम के द्वारा तलवारबाजी खेल का आयोजन किया गया।
-: कमलेश गोगिया
















