रायपुर
चिकित्सा शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय में तीन दिवसीय टीचर्स ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिकल एजुकेशन यूनिट के तत्वावधान में बुधवार 11 अगस्त से शुक्रवार 13 अगस्त तक तीन दिवसीय वर्कशॉप में रिवाइज्ड बेसिक कोर्स ( RBCW ) एंड एटीट्यूड एथिक्स एंड कम्युनिकेशन मॉड्यूल (AETCOM) विषय पर 30 मेडिकल टीचर्स ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
वर्कशॉप का उद्घाटन संचालक चिकित्सा शिक्षा एवं अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय डॉ. विष्णु दत्त द्वारा किया गया। डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर (प्रोफेसर एंड हेड फिजियोलॉजी राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज एवं नेशनल मेडिकल काउंसिल ऑब्जर्वर) इस वर्कशॉप के अवलोकनकर्ता (ऑर्ब्जव) रहे। वर्कशॉप में शिक्षण और मूल्यांकन विधियों में नई अवधारणाओं के बारे में शिक्षकों को संवेदनशील बनाना, सक्षम और प्रभावी शिक्षक, प्रशासक, शोधकर्ता और संरक्षक की भूमिका निभाने के लिए आवश्यक ज्ञान और नैदानिक कौशल विकसित करना, संचार, नैतिकता और व्यवहार कौशल में योग्यता हासिल करने के लिए चिकित्सकों की सहायता करना, आधुनिक सूचना और अनुसंधान पद्धति उपकरणों का उपयोग करके ज्ञान को अद्यतन करना जैसे विषयों पर चिकित्सा शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।
मेडिकल एजुकेशन यूनिट की कोऑर्डिनेटर एवं विभागाध्यक्ष सर्जरी विभाग डॉ. मंजू सिंह ने टीचर्स ट्रेनिंग वर्कशॉप के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय चिकित्सा परिषद (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) के द्वारा टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम को प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इसी के अंतर्गत मेडिकल एजुकेशन यूनिट द्वारा तीन दिवसीय टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह वर्कशॉप मेडिकल टीचर्स को एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन)के नये कैरिकुलम एवं नये टीचिंग-लर्निंग मेथड और एसेसमेंट मेथड के प्रति उन्नयन के लिये आयोजित किया गया है जिससे सभी मेडिकल स्टूडेंट को प्रभावी रूप से एक अच्छा चिकित्सक बनने में मदद मिले। एनएमसी द्वारा वर्ष 2019 में नये कैरिकुलम के अनुसार सभी मेडिकल टीचर्स को स्टूडेंट्स को पढ़ाने एवं समाज सेवा करने हेतु एक अच्छा चिकित्सक बनाने के लिए पुराने पढ़ाई के तरीकों में बदलाव करके नये तरीकों को अपनाने के लिए अनिवार्य किया गया है। इसके अंतर्गत सभी मेडिकल टीचर्स को इस वर्कशॉप को अटेंड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस वर्कशॉप में डॉ. निर्मल वर्मा, डॉ. आर. एल. खरे, डॉ. प्रतिभा जैन शाह, डॉ. ऊषा जोशी, डॉ. राबिया परवीन सिद्दीकी, डॉ. रूपम गहलोत, डॉ. निधि पांडे, डॉ. चंद्रकला जोशी, डॉ. सरिता दास, डॉ. जागृति अग्रवाल, डॉ. स्निग्धा जैन, डॉ. हंसा बंजारा, डॉ. डी. पी. लकरा, डॉ. ज्योति जायसवाल समेत अन्य मेडिकल टीचर्स ने भाग लिया।
विदित हो कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, एमसीआई रेगुलेशन ऑन ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन, 1997 द्वारा, सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए मेडिकल एजुकेशन यूनिट्स (एमईयू) या विभागों की स्थापना करना अनिवार्य कर दिया, ताकि फैकल्टी सदस्यों को शिक्षण के लिए आधुनिक शिक्षा तकनीक का लाभ उठाने में सक्षम बनाया जा सके। इस गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए, चिकित्सा शिक्षा प्रौद्योगिकी में बुनियादी पाठ्यक्रम कार्यशालाएं 2009 से चिकित्सा नियामक द्वारा चयनित क्षेत्रीय और नोडल केंद्रों के माध्यम से आयोजित की जा रही है।














