मुख्यमंत्री चौहान की केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी व केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह से भेंट, विभिन्न योजनाओं पर हुई चर्चा

भोपाल :

मुख्यमंत्री चौहान की केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भेंट सड़क परिवहन से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि केन्द्रीय सड़क और आधारभूत ढाँचा फण्ड (सीआईआरएफ) योजना में लगभग 4200 करोड़ रुपये के प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजे गये है। इनमें से केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी के इंदौर प्रवास के दौरान लगभग 1500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति देने की घोषणा की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा लगभग 844 करोड़ रुपये लागत की 15 ऐसी परियोजनाएँ चिन्हित की गई हैं, जिसमें न्यूनतम भू-अर्जन के कारण त्वरित क्रियान्वयन किया जा सकता है। साथ ही ग्वालियर, भोपाल और सीहोर की 909 करोड़ रुपये लागत की चार नवीन परियोजनाओं की अनुशंसा की गई है। मुख्यमंत्री चौहान ने सी.आई.आर.एफ. योजना में इन प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृति जारी करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री चौहान ने नसरुल्लागंज से संदलपुर (38 किलोमीटर) और बुधनी से बाड़ी को राष्ट्रीय राजमार्ग 146-बी के विस्तारित रूप में स्वीकृत कर फोर लेन में उन्नयन करने की स्वीकृति का भी निवेदन किया। 

मुख्यमंत्री  चौहान ने अटल प्रगति पथ से संबंधित प्रस्तावित परियोजनाओं के ओवर ब्रिज, अंडर ब्रिज इत्यादि से संबंधित तकनीकी जानकारी एवं शासकीय, निजी और वन भूमि के भू-अर्जन की जानकारी केन्द्रीय मंत्री को दी। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि अटल प्रगति पथ के लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा 90 प्रतिशत भूमि एन.एच.ए.आई. को दिसम्बर 2021 तक हस्तांतरित कर दी जायेगी। 

मुख्यमंत्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री को नर्मदा एक्सप्रेस-वे के 906 किलोमीटर के अलाइनमेंट प्रस्ताव से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश के पूर्वी सीमा में छत्तीसगढ़ तथा पश्चिमी सीमा में गुजरात तक प्रस्तावित अलाइनमेंट मध्यप्रदेश के 10 जिलों से होकर गुजरता है। मुख्यमंत्री चौहान ने जानकारी दी कि वार्षिक योजना में शामिल शहडोल और बड़वानी जिलों के 130 किलोमीटर के फीडर रूट्स की स्वीकृति अपेक्षित है। केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने नर्मदा एक्सप्रेस-वे को भारत माला में शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की। 

केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह से मुलाकात कर प्रदेश में हरित ऊर्जा विशेषकर सौर ऊर्जा क्षेत्र में उठाये गये कदमों की जानकारी दी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह से मुलाकात कर प्रदेश में हरित ऊर्जा विशेषकर सौर ऊर्जा क्षेत्र में उठाये गये कदमों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री  चौहान ने केन्द्रीय मंत्री से केन्द्र सरकार की पुनरोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आर.डी.एस.एस.) पर भी विस्तार से चर्चा की।

  योजनाओं के अंतर्गत पूरे बिजली सेक्टर का आधुनिकीकरण होगा और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके पूरे विद्युत सिस्टम को सुदृढ़ करने का फैसला लिया गया है। इसमें भारत सरकार 60% अनुदान देगी और 40 % बिजली कम्पनियों को व्यवस्था करना पड़ेगी। मध्यप्रदेश इस योजना से पूरी तरह सहमत है और हम अपने पूरे बिजली सिस्टम का आधुनिकीकरण करेंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी का ग्रीन एनर्जी के उपयोग पर जोर है। मध्यप्रदेश इस दिशा में प्रयास बढ़ा रहा है। हम तेजी से सोलर एनर्जी की तरफ बढ़ रहे है।

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि नीमच और आगर सौर ऊर्जा संयंत्रों में 2 रूपये 14 पैसे प्रति यूनिट की दर प्राप्त हुई। संयंत्रों का जल्द ही भूमि-पूजन किया जाना है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री को ऊर्जा संयंत्रों के निरीक्षण के लिए आमंत्रित भी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि मध्यप्रदेश में 300 सौर्य दिन मिलते हैं। इसमें मध्यप्रदेश तेजी से सौर ऊर्जा की ओर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सौर ऊर्जा प्लांट और छतरपुर तथा मुरैना के सौर ऊर्जा प्लांट के प्रस्ताव के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रीवा का 750 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र दिल्ली मेट्रो को भी बिजली दे रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश में पवन ऊर्जा, हाईब्रिड ऊर्जा और हरित ऊर्जा के भण्डारण की जानकारी भी दी। 

आर.डी.एस.एस. ऊर्जा क्षेत्र की क्रांतिकारी योजना

मुख्यंमंत्री  चौहान ने बताया कि केन्द्र सरकार की पुनरोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (आर.डी.एस.एस.) ऊर्जा क्षेत्र की एक क्रांतिकारी योजना है। मध्यप्रदेश स्मार्ट मीटर अपनाने में अच्छी प्रगति कर रहा है। राज्य में लगभग 1.2 लाख स्मार्ट मीटर लगाये जा चुके हैं और 3.5 लाख मीटर लगाने का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में 23.7 लाख मीटर की खरीद और स्थापना की प्रक्रिया उन्नत चरण में है।  मुख्यमंत्री चौहान ने योजना के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण राज्य की अर्थ-व्यवस्था पर पड़े गंभीर प्रभाव से वितरण कम्पनी की बकाया सबसिडी के अग्रिम भुगतान के लिए राज्य को कम से कम दो साल का समय दिया जाना चाहिए।