भोपाल
मध्यप्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय को दो साल बाद आधा दर्जन यूजी-पीजी कोर्स को संचालित कर प्रवेश देने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने मंजूरी दे दी है। इसकी वजह उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नौ प्रोफेसरों को प्रतिनियुक्ति पर विवि भेजना है। अनुमति मिलते ही विवि ने आॅनलाइन प्रवेश कराना शुरू कर दिया है।
यूजीसी ने भोज मुक्त विवि से फैकल्टी के अभाव में करीब दो दर्जन कोर्स की मान्यता छीन ली थी। आगामी सत्र 2021-22 में प्रवेश कराने के लिए आधा दर्जन यूजी-पीजी की मंजूरी दी है। अब विवि सात यूजी और 16 पीजी कोर्स की सीटों पर प्रवेश देगा। आधा दर्जन कोर्स की मंजूरी यूजीसी से वापस लाने के लिए मंत्री डॉ. मोहन यादव, कुलपति डॉ. जयंत सोनवालकर, रजिस्ट्रार डॉ. एलएस सोलंकी को काफी मशक्कत करना पड़ी है। रजिस्ट्रार सोलंकी ने मंत्री यादव को बताया कि नौ प्रोफेसरों को प्रतिनियुक्तियों पर भेजा जाए, तो यूजीसी से कोर्स की मंजूरी मिल सकती है। तब उच्च शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में आठ प्रोफेसरों प्रतिनियुक्ति पर भोज भेज दिया। इसके अलावा जनसंपर्क विभाग से पत्रकारिता की डिग्री को पूरा कराने प्रो. तरुण सेन को भोज भेजा गया है।
इन्हें मिली प्रतिनियुक्ति
तरुण सेन, रतन सूर्यवंशी, राजीव वर्मा, तुलसीराम दहायत, अनीता कौशल, शैलेंद्र सिंह, मधुकर इटेवार, धनराज खंडाई और किशारे जॉन।
यह हैं कोर्स: बीएलआईएस (बैचलर आफ लाईब्रेरी इंर्फोमेशन साइंस), बीजे (बैचलर आफ जर्नलिज्म), एमए हिंदी, एमकॉम (एफएम), एमए इकॉनोमिस्कस और एमएससी बोटनी।















