नई दिल्ली
बैंकों में बचत खाता, सावधि जमा (एफडी), डाकघर में आरडी और पीपीएफ के अलावा बीमा पॉलिसी सहित म्यूचुअल फंड के निष्क्रिय खातों में 82 हजार करोड़ रुपये से अधिक जमा है, जिसका कोई दावेदार नहीं है। अगर आपका, परिवार के किसी सदस्य या दोस्त का पैसा किसी बैंक, डाकघर या म्यूचुअल फंड कंपनी के पास खाता निष्क्रिय होने के कारण अटक गया है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप कुछ स्टेप्स को फॉलो कर उन खाते से पैसा आसानी से निकाल सकते हैं। आइए जानते हैं दावा करने की प्रक्रिया।
कैसे पता करें राशि
सबसे पहले क्लेम करने वाले व्यक्ति को उस बैंक की वेबसाइट पर जाना होगा, जिसमें खाता है। वहां पर आपको इनएक्टिव अकाउंट की लिस्ट देखनी होग। आप लिस्ट से सिर्फ प्राइमरी अकाउंट होल्डर की जानकारी ले सकते हैं, जिसके लिए नाम और जन्मतिथि,पैन नंबर और मोबाइल नंबर की जरूरत होगी। इसके जरिये आप संबंधित राशि की जानकारी ले सकते हैं। बीमा नियामक इरडा ने जीवन बीमा कंपनियों से कहा है कि वे अपनी वेबसाइट पर एक ऐसी सुविधा उपलब्ध करायें, जिस पर पॉलिसीधारक या बीमा पॉलिसी का लाभार्थी या उनके परिवार के सदस्य इस बात का पता लगा सकें कि क्या उनका कोई बकाया कंपनी के पास है। इसी तरह की सुविधा म्यूचुअल फंड कंपनियां भी देती हैं।
आपका खुद का खाता है तो नाम के साथ जन्म तिथि,पैन नंबर और मोबाइल नंबर के साथ आधार नंबर की जरूरत होगी। यदि नॉमिनी के रूप में दावा कर रहे हैं तो संबंधित व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र और नॉमिनी के रूप में अपनी पहचान के लिए दस्तावेज की जरूरत होगी। इसके बाद आपको अपने नजदीकी बैंक ब्रांच में जाना होगा। वहां पर आपको अनक्लेम्ड डिपॉजिट क्लेम फॉर्म भरकर जमा करना होगा। आप इस फॉर्म को बैंक की ब्रांच से भी ले सकते हैं और बैंक की वेबसाइट से भी इसे डाउनलोड किया जा सकता है। फॉर्म को सही पहचान और सही पते के साथ बैंक की ब्रांच में जमा करना होगा।
बीमा राशि के लिए नियम
बैंकों का निष्क्रिय खाता जहां डीफ में जाता हैं। वहीं पीपीएफ, आरडी, और बीमा पॉलिसी का निष्क्रिय खाता 10 साल बाद वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष (एससीडब्ल्यूएफ) में जमा हो जाता है। बीमा राशि के मामले में निष्क्रिय खाता में पड़ी राशि का दावा आप उसके एससीडब्ल्यूएफ में जाने के 25 साल के भीतर ही कर सकते हैं। इसके बाद उस राशि का दावा नहीं कर सकेंगे। हालांकि, बीमा कंपनियों से यह भी कहा गया है कि वह हर छह महीने में उनके पास पड़ी बिना दावे के बीमा राशि के बारे में जानकारी अपडेट करें।
नॉमिनी जरूर रखें
बीमा दावे की राशि ज्यादातर उन खातों में है जिनमें कोई नॉमिनी नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक बचत खाता, एफडी, पीपीएफ, डीमैट खाता, बीमा पॉलिसी सहित निवेश के हर विकल्प में नॉमिनी जरूर दें। इससे आपके नहीं रहने की स्थिति में नॉमिनी को राशि मिलेगी। साथ ही आप एक से अधिक नॉमिनी भी रख सकते हैं।













