कई लोगों को लगता है कि एक्सरसाइज सिर्फ वयस्कों और बड़ों के लिए होती है लेकिन ऐसा नहीं है। किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी रोजाना करनी चाहिए और यह बच्चों के लिए भी जरूरी है।
अगर आपने अब तक अपने बच्चों को एक्सरसाइज और फिजिकल एक्टिविटी से दूर रखा था, तो अब ऐसा करना बंद कर दीजिए। हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक, थोड़ी-सी एक्सरसाइज भी बच्चों के दिमाग के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
बच्चों को किस तरह की एक्सरसाइज करनी चाहिए
बच्चे आमतौर पर दिनभर बहु एक्टिव रहते हैं जिससे उन्हें हेल्दी और फिट रहने में मदद मिलती है। इसके अलावा एक 10 मिनट का हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग सेशन बच्चों की मानसिक सेहत में सुधार कर सकता है।
इससे बच्चों को पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है। यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड के शोधकर्ताओं द्वारा की गई इस स्टडी के अनुसार बच्चों को हफ्ते में 10 मिनट हाई इंटेंसिटी वर्कआउट करना चाहिए।
क्या कहती है स्टडी
इस स्टडी को संचालित कर रहे शोधकर्ताओं ने बताया कि इस सेशन का बच्चों के दिमाग पर पॉजिटिव असर पड़ता है। इसमें 7 से 13 साल की उम्र के 318 बच्चों पर रोजाना एरोबिक एक्सरसाइज के बौद्धिक कार्य पर पड़ रहे प्रभाव का अवलोकन किया गया था।
स्टडी के लिए बच्चों को याद्दाश्त और बुद्धि से जुड़े कुछ काम दिए गए। 6 हफ्तों के लिए आधे बच्चों को प्लेसिबो ग्रुप और बाकी बच्चों को हाई इंटेंसिटी वर्कआउट सेशन में डाला गया।
स्टडी में क्या निकला
इस स्टडी के अंत में पाया गया कि जिन बच्चों ने रोज हाई इंटेंसिटी वर्कआउट किया, उन्होंने असेसमेंट में अच्छा परफॉर्म किया।
स्टडी के परिणामों के आधार पर शोधकर्ताओं ने एक्सरसाइज के महत्व पर जोर दिया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि याद्दाश्त या बुद्धि को बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज की एकमात्र उपाय नहीं होना चाहिए। कई चीजों की मदद से दिमाग की शक्ति को बढ़ाया जा सकता है।
दिमागी शक्ति बढ़ाने के तरीके
बच्चों के लिए तेज याद्दाश्त होना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे उन्हें पढ़ाई में मदद मिलती है। कुछ बच्चों को नैचुरली यादृाश्त और दिमाग तेज होता है, जबकि कुछ बच्चों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। निम्न तरीकों से भी बच्चों के दिमाग को तेज किया जा सकता है :
मेडिटेशन से दिमाग शांत रहता है और वर्तमान के पल को महसूस कर पाता है। बच्चे को रोज साउंड मेडिटेशन, लाइट मेडिटेशन या मंत्र जाप करवा सकते हैं।
डिजिटल डिटॉक्स यानि स्क्रीन टाइम को कम करने कभी ध्यान लगाने की क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे बच्चे को चीजें ज्यादा देर तक याद रह सकती हैं।
डाइट भी है जरूरी
मस्तिष्क समेत शरीर के सभी प्रमुख कार्यों के लिए डाइट जरूरी होती है। बच्चों के खाने में हेल्दी चीजों को शामिल करें जिससे याद्दाश्त कमजोर होने से बचाव हो सके और दिमाग स्वस्थ रहे।
दिमाग को तेज करने का एक बेहतरीन तरीका पजल भी है। आईक्यू और याद्दाश्त को सुधारने के लिए पजल एक बेहतरीन मेंटल एक्सरसाइज है।















