भोपाल
मंत्रालय में कोरोनाकाल में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा अधिकारी विश्वास भटेले की सतत मॉनीटरिंग और मंत्रालय की सुरक्षा टीम की उल्लेखनीय भूमिका से मंत्रालय को कोरोनामुक्त करने में मदद मिली है।
पहले मंत्रालय के गलियारे बाहरी आंगतुकों से हमेशा भरे रहते थे इसके चलते कोरोना ने मंत्रालय में दस्तक दी। कोरोना के केस बढ़े तो यहां बाहरी लोगों के प्रवेश को कम करने की कवायद शुरु की गई। जिन लोगों को मंत्रालय में जाने की अनुमति नही ंथी ऐसे लोगों को पूरी तरह से बाहर रखा गया। मंत्रालय में मंत्रियों, प्रमुख सचिवों के कक्ष, मुख्यमंत्री सचिवालय में केवल उन्ही लोगों को प्रवेश दिया गया जिनके लिए इन अधिकारियों के कार्यालयों से पास बनाकर जारी किए गए। इस प्रक्रिया से मंत्रालय में अनावश्यक लगने वाली भीड़ को कम किया गया।
मंत्रालय में अपने प्रभाव और दबाव का प्रयोग कर अंदर जाने वालों को सख्ती से रोका गया। विभागीय अधिकारियों की लिखित अनुमति के बाद ही लोगों को अंदर प्रवेश दिया गया। इससे मंत्रालय में कोरोना संक्रमण अधिक नहीं फैल सका और सुकून के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने शासकीय कार्य को पूरा किया।
मंत्रालय में मिलने आने और विभागीय अधिकारियों से मिलने के लिए आने वाले लोगों को अब प्रवेश के लिए पहले विभाग के अधिकारी का लिखित विभागीय पास लेना होता है। इसके बाद ही जांच के बाद उन्हें प्रवेश दिया जाता है। इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था होंने से मंत्रालय का स्टाफ पूरी तरह कोरोनामुक्त होकर सरकारी कामों को तेज गति से निपटा रहा है। मंत्रालय की पूरी सुरक्षा टीम मंत्रालय में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाती है और लोगो को मास्क के बिना प्रवेश नहीं दिया जाता। अंदर भी मास्क लगाने के लिए सभी को कहा जाता है। अनुमति प्राप्त लोगों के ही मंत्रालय में सीमित प्रवेश से मंत्रालय को कोरोना मुक्त करने में मदद मिली है।















