भोपाल
मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति अब काफी हद तक नियंत्रण में है। रोज मिलने वाले नए मरीजों के साथ-साथ कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या भी लगातार कम हो रही है। कोरोना के मोर्चे पर राहतकारी स्थिति को देखते हुए प्रदेश में जल्द ही प्रायमरी और मिडिल स्कूल खोले जाने की संभावना है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो सितंबर के दूसरे सप्ताह से कक्षा पहली से लेकर कक्षा आठवीं तक के स्कूल भी खुल सकते हैं। कक्षा नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खुलने के बाद अब पहली से आठवीं तक के स्कूल खोलने को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग तैयारी में जुट गया है।
इस बात के संकेत स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार ने दिए हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में लगातार कोरोना के आंकड़े कम हो रहे हैं। इसी तरह से आंकड़े अगस्त के आखिर तक आते रहे तो सितंबर के दूसरे सप्ताह से कक्षा पहली से कक्षा आठवीं तक के स्कूल खोलने पर विचार किया जाएगा। प्रायमरी और मिडिल स्कूलों के संचालन को लेकर नियम बनेंगे और बैठक कर विचार-विमर्श किया जाएगा। बता दें कि मध्य प्रदेश में बीते डेढ़ साल से प्रायमरी और मिडिल स्कूल बंद हैं। मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के बाद से प्रायमरी और मिडिल स्कूलों में ताले पड़े हैं। ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। हालांकि स्कूल खुलने के बाद भी ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन लगातार जारी रहेगा।
50 फीसद क्षमता के साथ लगेंगी कक्षाएं
कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक के छात्र-छात्राओं की कक्षाएं सप्ताह में एक से दो दिन लगाने की तैयारी की जा रही है। 50 फ़ीसद क्षमता के साथ कक्षाओं में बच्चों को बुलाया जाएगा। अगर किसी कक्षा में 40 विद्यार्थी हैं तो एक दिन में 20 और दूसरे दिन 20 बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा। स्कूल में पहुंचने के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य की जाएगी। माता-पिता की सहमति के बिना स्कूलों में बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।















