नई दिल्ली
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में सकारात्मक किरदार निभाने के लिए तैयार है। पाकिस्तान ने तालिबान से आग्रह किया है कि वो आपसी सहयोग से अफगान में एक राजनीतिक सरकार बनाए्ं। शाह ममूद कुरैशी ने कहा कि अफगानिस्तान में अब कोई भी खून-खराबा झेलने के लिए तैयार नहीं है। पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि तालिबान के टेकओवर करने के बाद यहां लोग शांति चाहते हैं। पाकिस्तान की तरफ से कहा गया है कि हमारे राजनयिक अफगानिस्तान में अलग-अलग अफगानी शख्सियतों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
तालिबान में उपद्रवियों ने रविवार को काबुल में पूर्ण रूप से अपना कब्जा कर लिया। अमेरिकी सेना की वहां से वापसी के बाद तालिबान के लड़ाके काफी तेजी से पाकिस्तान की तरफ बढ़े। काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी भी देश छोड़ कर फरार हो गये थे। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान से एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान आ रहा है और इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री इमरान खान से भी बातचीत होगी। कुरैशी ने कहा कि 'कुछ असामाजिक तत्व सबकुछ बर्बाद कर देने की कोशिश में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब अफगान के पड़ोसी मुल्क उसके साथ बैठकर बातचीत करें। उन्होंने ऐलान किया कि जल्द ही वो अफगानिस्तान जाएंगे और आगे की तालिबान के साथ अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे।
अफगानिस्तान में अशरफ गनी सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी पहले भी खुलकर तालिबान आतंकियों के समर्थन में आते दिखे थे। कुरैशी ने कहा था कि अशरफ गनी की सत्ता से बाहर हुई सरकार का तालिबान के खिलाफ दुष्प्रचार अब झूठा साबित हो रहा है क्योंकि तालिबानियों ने लोगों को आम माफी दे दी है। साथ लड़कियों की शिक्षा पर भी तालिबान ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।
कुरैशी का यह बयान ऐसे समय पर आया था जब दुनियाभर में पाकिस्तान के खिलाफ तालिबान की मदद करने के लिए प्रतिबंध लगाने की मांग हो रही है। उन्होंने कहा, 'ऐसी आशंका थी कि तालिबान लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध लगाएगा लेकिन ऐसा होने नहीं जा रहा है। तालिबान ने आम माफी की घोषणा की है और स्कूल तथा बिजनस खोल रहे हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि वे बदला नहीं लेंगे और उनके द्वारा उठाए गए सभी कदम अब तक शांतिपूर्ण रहे हैं जो स्वागत योग्य है।'














