उज्जैन
मध्य प्रदेश के उज्जैन के पास नागदा में 10 बच्चो में सीआरपी लेवल अधिक मात्रा में बढ़ने से हड़कंप मच गया. दरअसल कांग्रेस नेता बसंत मालपानी ने नागदा की एक निजी लेब से कुछ बच्चों की रिपोर्ट मंगवाई, जिसमे करीब 10 बच्चों का सीआरपी लेवल बढ़ा हुआ मिला. ये सामान्य रूप से बढ़ा हुआ नहीं था. बल्कि जानकरी में सामने आया कि 3 साल की बच्ची का सीआरपी 137 और एक अन्य 4 साल की बच्चे का 31 .7 निकला जो की डरा देने वाला है. मालपानी ने नागदा एसडीएम से मिलकर इस बारे में बात की है और कहा की प्रशासन को तीसरी लहर के लिए अभी से तैयारी कर लेनी चाहिए.
हालांकि उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने इस पूरे दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा कि किसी बच्चो को कोविड के लक्षण नहीं हैं. डॉ. संजीव कुमरावत की शोकॉज नोटिस भी जारी किया गया है. दरअसल डॉ. कुमरावत ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कहा था कि ऐसे मामलों की स्टडी की गई है. स्टाफ को इसका प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है. यह कोविड-19 की तरह ही है, लेकिन इसके उपचार में स्टेरायड का उपयोग किया जाएगा, इस पर उज्जैन कलेक्टर ने डॉ. कुमरावत को नोटिस भेजा है.
कोरोना संक्रमण के मामले
उज्जैन और आसपास के इलाको में कोरोना संक्रमण की दर कम जरूर हुई है लेकिन अभी खत्म नहीं हुई है. इस बीच नागदा में एक साथ 10 बच्चों की लेब रिपोर्ट में सीआरपी बढ़ने से तीसरी लहर की आशंका के बीच उज्जैन कलेक्टर ने कहा कि कोई तीसरी लहर नहीं है. न ब्लेक फंगस है. कई मामलों में सीआरपी बढ़ सकता है. हालांकि निजी लेब से जुटाई गयी जानकरी में सभी बच्चो में ऐसे सिंड्रोम के लक्षण दिखे, जो संभवत: तीसरी लहर का संकेत हो सकता है.निजी लैब में बच्चों के आई सीआरपी वैल्यू आये सामने 3 साल की बालिका- 137.07 एमजी, 4 साल का बालक- 31.79 एमजी, 2.5 साल का बालक- 19.88 एमजी, 11 साल का बालक- 37. 53 एमजी, 6 साल का बालक – 42.72 एमजी, 3 साल का बालिका- 58 एमजी, 10 साल का बालक- 39.74 एमजी, 11 साल का बालक- 47.18, एमजी 4 साल की बालिका- 20.42 एमजी, 8 साल का बालक- 29.20 एमजी सीआरपी पाया गया है.














