भुवनेश्वर
ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार ने गांवों के कूड़े के निस्तारण के लिए बड़ कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों को शहरी स्थानीय निकाय से जोड़ने का फैसला लिया है जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो कूड़ा, प्लास्टिक का कचरा इकट्ठा होता है उसका कुशल प्रबंधन किया जा सके। गांवों के कचरे को शहर के बुनियादी ढांचे की मदद से निस्तारित किया जाएगा। अलग-अलग जिले ग्राम पंचायतों को पास के शहरी स्थानीय निकायों के साथ जोड़ने का काम करेंगे, जिससे कि कूड़ा-कचरा का सही से ट्रांसपोर्ट के माध्यम से निस्तारण किया जा सके। यह निर्णय पंचायती राज एवं शहरी विकास विभाग की ओर से लिया गया है।
इन विभागों की ओर से एक संयुक्त दिशा-निर्देश जारी किया गया है जिससे कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इसे लागू किया जा सके। इस मुहिम की बालासोर में पहले ही हो चुकी है, जिसके बाद पास की 90 पंचायतों को भी इससे जोड़ा गया है। अधिकारियों का कहना है कि कूड़े के निस्तारण के लिए 45 स्थानीय निकाय में बने संयंत्र काम कर रहे हैं। साथ ही कई और स्थानीय निकायों में संयंत्रो को स्थापित किया जा रहा है।
जून के पहले ही दिन आम जन को झटका, बढ़े तेल के दाम, मुंबई में 100 रु के पार हुआ पेट्रोल गाइडलाइन के अनुसार डीएम को शहरी निकाय के 20 किलोमीटर के भीतर की पंचायतो को इस योजना के तहत जोड़ना है। इन क्षेत्रों को 10, 15, 20 किलोमीटर की तीन श्रेणियों मे वर्गीकृत करना है। इसी के तहत जिला प्रशासन शुल्क आदि तय करेगा। गांव में जो परिवार सेप्टिक टैंक और शौचालय बनवाना चाहते हैं उनसे निर्धारित शुल्क लिया जाएगा और यहां के कचरे को संबंधित नगर निकाय के संयंत्र में भेजा जाएगा।













