नए सत्र से पढ़ाये जायेंगे नई शिक्षा नीति के पाठ्यक्रम – उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव

भोपाल

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शामिल किये गए पाठ्यक्रमों का अध्ययन कराया जायेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 79 विषयों के पाठ्यक्रम तैयार किये गए हैं। विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों की व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से जानकारी दी जा रही है। मंत्री डॉ. यादव आज मंत्रालय में ई-प्रवेश प्रक्रिया एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे। प्रमुख सचिव अनुपम राजन उपस्थित थे।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में कुल स्वीकृत सीट संख्या के अनुसार अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाये। उन्होंने कहा ‍िक एक सितंबर से आरंभ हो रहे अकादमिक सत्र में नई शिक्षा नीति को बेहतर ढंग से लागू किया जाये। इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहे।

लंबित निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करें

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाविद्यालयों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि लंबित निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करें। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की राशि लेप्स न हो। साथ ही बजट का सही कार्यों में उपयोग सुनिश्चित करें।

कार्यशालाओं का आयोजन

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 17 अगस्त को संभाग स्तरीय अतिरिक्त संचालकों एवं अग्रणी महाविद्यालयों के प्राचायों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाये। इसी तरह 18 अगस्त को जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों और प्रवेश समिति प्रभारियों को प्रशिक्षण दिया जाये।

बता दें कि मध्यप्रदेश में इस वर्ष से राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जाएगी। अभी स्नातक स्तर के प्रथम वर्ष के लिये नीति के प्रावधानों को लागू किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर विभाग द्वारा बनाई टास्क फोर्स ने अन्य राज्यों की उच्च शिक्षा व्यवस्था का अध्ययन किया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कार्य योजना बनाई है। उच्च शिक्षा को अधिक जॉब ओरिएंटेड बनाने के लिए सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। इस वर्ष महाविद्यालयों में 177 डिप्लोमा एवं 282 सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। 79 विषयों के प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम तैयार किये गए हैं, जिसमें विद्यार्थियों को वैकल्पिक विषय चुनने का अवसर दिया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप एक साल में सर्टिफिकेट, दो साल में डिप्लोमा एवं तीन साल में डिग्री सहित ‘मल्टीपल एंट्री, मल्टीपल एग्जिट सिस्टम और चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) भी लागू किया जा रहा है। इस वर्ष आधार पाठयक्रम में योग एवं ध्यान के पाठ्यक्रम भी जोड़े गए हैं।