दीपक पुनिया के कोच ने रेफरी को कमरे में घुसकर पीटा

नई दिल्ली
जापान में जारी ओलंपिक खेलों में भारत के पहलवान दीपक पुनिया के हिस्से में ब्रॉन्ज मेडल लगभग आ गया था लेकिन आखिरी 10 सेकेंडस में सैन मरीनो के पहलवान ने कहानी बदलते हुए कुश्ती अपने नाम कर पदक जीत लिया। पुरुषों की 86 किग्रा भारवर्ग के इस ब्रॉन्ज मेडल मैच मे दीपक पुनिया के कोच पर रेफरी के साथ बहस करने को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है और उन्हें ओलंपिक विलेज से बाहर फेंक दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पहलवान दीपक पुनिया के विदेशी कोच मोराड गैड्रोव को ब्रॉन्ज मेडल मैच के बाद रेफरी के साथ बदसलूकी करने के आरोप में गेम्स विलेज से बाहर कर दिया गया है। आरोप है कि दीपक पुनिया के विदेशी कोच ने मैच के बाद रेफरी के कमरे में गये और मारपीट की, इसके चलते उन्हें ओलंपिक विलेज से बाहर फेंक दिया गया। 

उल्लेखनीय है कि ओलंपिक में पहली बार भाग लेने पहुंचे दीपक पुनिया को सैन मरीनो के माइल्स अमीने ने 3-2 से हार मिली और ब्रॉन्ज मेडल जीतने से चूक गये। इस मैच के दौरान जब माइल्स ने दीपक पुनिया पर दबाव बनाया तो भारतीय पहलवान ने जबरदस्त डिफेंसिव तकनीक का प्रदर्शन किया और आखिरी 10 सेकेंडस तक बढ़त को बनाकर रखा। हालांकि सैन मरीनो के पहलवान ने आखिरी 15 सेकेंडस में अपना दांव चला और भारतीय पहलवान हैरान रह गया। दीपक पुनिया ने आखिरी 10 सेकेंडस तक 2-0 की बढ़त बरकरार रखी थी लेकिन माइल्स के इस दांव के चलते यह स्कोर 3-2 हो गया और वो ब्रॉन्ज मेडल जीतने से चूक गये। दीपक पुनिया ने अपने ओलंपिक अभियान का आगाज तकनीकी रूप से मजबूत पहलवान के रूप में की और आसानी से जीत हासिल करते हुए पुरुषों के 86 किग्रा भारवर्ग के सेमीफाइनल मैच में पहुंच गये।