भोपाल
शिक्षा मंत्रालय ने इंडियन इंस्टीट्यूशन आॅफ इंर्फोमेशन टेक्नोलॉजी (त्रिपलआईटी) का फर्स्ट डायरेक्टर को नियुक्त करने में काफी लेटलतीफी कर रहा है। मंत्रालय चार साल में एक निदेशक की नियुक्त नहीं कर सका है। छह महीने पहले निदेशक के तीसरी बार आवेदन बुलाए गए थे, जिनकी अभी तक स्कू्रटनी तक नहीं हो सकी है।
शिक्षा मंत्रालय त्रिपलआईटी का निदेशक चुनने में एक निदेशक के कार्यकाल बीतने जितना समय लगा रहा है। त्रिपलआईटी की स्थापना के समय निदेशक की नियुक्ति होती तो अब उनका पांच साल का कार्यकाल खत्म होने का समय हो रहा होता। शिक्षा मंत्रालय ने निदेशक के वेतन का एक रुपए खर्च किए बिना चौथा साल निकाल रहा है। चार साल से प्रवेशरत विद्यार्थियों को नियंत्रित करने मंत्रालय ने मेनिट निदेशक नरेंद्र सिंह रघुवंशी को मेंटर निदेशक का प्रभार दे रखा है। मेनिट में कक्षाएं लगने से वे भी अतिरिक्त प्रभार लेकर काफी खुश है।
त्रिपलआईटी के फर्स्ट डायरेक्टर को चयनित करने शिक्षा मंत्रालय ने तीसरी बार चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयन प्रक्रिया में लेटलतीफी बादल मंडरा रहे हैं। छह महीने पहले आवेदन जमा कराए गए थे, जिनकी अभी तक स्कू्रटनी नहीं हो सकी है। फर्स्ट डायरेक्टर बनने देशभर के आईआईटी, एनआईटी के साथ अन्य राष्टÑीय स्तर के संस्थानों के पचास वरिष्ठ प्रोफेसर और अधिकारियों ने बायोडाटा जमा किए हैं। इसमें आरजीपीवी और मेनिट के कुछ प्रोफेसर के बायोडाटा भी शामिल थे। वे सभी शिक्षा मंत्रालय की तरफ नजरें जमाए बैठे हैं।
चयन प्रक्रिया एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) ने शुरू कराई थी। गत वर्ष इसे बदलकर शिक्षा मंत्रालय किया गया। एक प्रक्रिया एमएचआरडी और एक प्रक्रिया शिक्षा मंत्रालय द्वारा निरस्त की गई हैं। अब तीसरी प्रक्रिया शिक्षा मंत्रालय ही चला रहा है। पूर्व में स्कू्रटनी कर तीन उम्मीदवारों के नाम फाइनल तक कर दिए गए थे, लेकिन नियुक्ति नहीं हो सकी।
त्रिपलआईटी के मेंटर डायरेक्टर के तौर पर मौलाना आजाद प्रौद्योगिकी संस्थान (मेनिट) के निदेशक नरेंद्र सिंह रघुवंशी को मेंटर डायरेक्टर बनाया गया है। त्रिपलआईटी में वर्तमान में चौथा बैच के विद्यार्थी अध्ययनरत है। फर्स्ट डायरेक्टर पांचवें बैच के प्रवेश होने के बाद ही नियुक्त हो सकते हैं।














