तिरंगे के अपमान पर मंत्री कलेक्टर,SP पर FIR दर्ज करने CSP को सौपा आवेदन

 

 

राजगढ़/भोपाल

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अमृत महोत्सव पर सुनियोजित तरीके से राष्ट्रध्वज तिरंगे का भाजपा, राज्य सरकार के मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपमान किये जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इसे लेकर पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश कांग्रेस महामंत्री राजीव सिंह, महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी के.के. मिश्रा के संयुक्त नेतृत्व में राजधानी भोपाल के थाना हबीबगंज पहुंचकर  राष्ट्रीय गौरव अपराध निवारण अधिनियम-1971 की धारा-3 के तहत जबावदारों के विरूद्व प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्यवाही की मांग की है। 

कांग्रेस ने इस बाबत सभी दस्तावेजी साक्ष्य, तिरंगा नियम, ध्वज संहिता एवं राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण-1971 मौजूद सीएसपी वीरेन्द्र मिश्रा व थाना प्रभारी श्री प्रजापति को सौंपे ।

 केके मिश्रा ने कहा कि यदि किसी एक स्थान पर त्रुटिवश इस विषयक कोई प्रकरण सामने आता है तो उसे भूलवश माना जा सकता, किंतु एक ही दिन इस तरह की पांच घटनाएं हो तो उसे किसी गंभीर साजिश का  ही हिस्सा कहा जायेगा। उन्होंने कहा कि आगर-मालवा में भाजपा कार्यालय की इमारत में स्वतंत्रता दिवस पर समारोहपूर्वक संपन्न कार्यक्रम में पार्टी के दो बड़े झंडे एक साथ लहरा रहे थे, उससे काफी नीचे राष्ट्रध्वज तिरंगा फहराया गया, राजधानी भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में भी यही दृश्य देखा गया। इसी तरह राजगढ़ जिले में प्रभारी उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने जिस वाहन शासकी जिप्सी में खड़े होकर परेड़ की सलामी ली, उनके साथ वाहन पर "उच्च शिक्षित" जिले के कलेक्टर व एसपी भी मौजूद थे, में उल्टा झंडा लहरा रहा था? क्या यह अपराध त्रुटिवश कहा जा सकता है? हालांकि एसपी ने अपराध तो स्वीकार किया, किंतु गाज वाहन चालक पर गिरी जिसे निलंबित कर दिया और दो अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है! सजा छोटी मछली को ही क्यों?

     मिश्रा ने कहा कि उल्टा झंडा इस बात का प्रतीक है कि यह राष्ट्र मेरे अधीन है। दो देशों में युद्ध के दौरान जब कोई चौकी या पोस्ट हथिया ली जाती है तो उस राष्ट्र के ध्वज को उल्टा फहरा दिया जाता है, जिसका अर्थ है कि यह राष्ट्र मैंने जीत लिया है। लिहाजा, यह राष्ट्रध्वज और राष्ट्र दोनों का अपमान है, जिसके जिम्मेदार मंत्री और जिला अधिकारी ही हैं।

 

केंद्र पर भी लगाए आरोप

 

मिश्रा ने कहा कि चौथा प्रकरण केंद्र सरकार की ओर से घटित हुआ जिसमें आजादी के अमृत-महोत्सव को लेकर जारी ‘लोगो’ का बेग्राउंड पूरी तरह काले रंग का है जो विरोध अथवा अशुभ होने का संकेत होता है। इसी ‘लोगो’ में तिरंगे के बीच सफेद रंग गायब कर सिर्फ केसरिया और हरा रंग जो भाजपा के ध्वज में उपयोग हो रहा है उल्लेखित किया गया है! क्या किसी भी व्यक्ति, संस्था, पार्टी अथवा सरकार को राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से छेड़छाड़ करने की इजाजत है? यह सब जानबूझ कर किया गया है। लिहाजा, इन प्रामाणिक प्रकरणों के दोषियों के रूप में केंद्र सरकार के मुखिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी. शर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव, राजगढ़ जिला कलेक्टर नीरज कुमार, एसपी प्रदीप शर्मा व आगर-मालवा के भाजपा के जिला अध्यक्ष के विरूद्ध ‘जीरो’ कायमी कर संबंधित थाना क्षेत्रों में भेजी जाये।

प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग उपाघ्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता प्रवक्तागण विभा पटेल, फिरोज सिद्वीकी, अब्बास हाफिज, अवनीश बुंदेला, विक्की खोंगल, मिथुन अहिरवार, स्वदेश शर्मा, जितेन्द्र मिश्रा, अभिवन बारोलिया, रवि वर्मा आदि सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।