नई दिल्ली
पिछले साल मई में भारत और चीन के बीच लद्दाख और सिक्किम में विवाद शुरू हुआ। कुछ दिनों बाद सिक्किम में हालात सामान्य हो गए, लेकिन लद्दाख में अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। नवंबर-दिसंबर में बर्फबारी की वजह से चीनी सेना ने अपने सैनिकों को लद्दाख के कई इलाकों से वापस बुला लिया था। उस दौरान ऐसा लगा था कि चीन सुधर गया, लेकिन अब ठंड कम होने के साथ ही एलएसी पर उसने नापाक हरकतों को अंजाम देना शुरू कर दिया है।
हाल ही में ट्विटर पर OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) ने एक सेटेलाइट तस्वीर जारी की है। ये "name d-atis" से लोकप्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल चीनी सैनिक बातचीत के बाद हट गए थे, लेकिन वो फिर से विवादित इलाकों में दावा करने की तैयारी में हैं। इसके लिए सैनिकों के साथ ही हथियारों को भी इकट्ठा किया जा रहा है। वहीं विश्लेषक की ओर से जारी सेटेलाइट तस्वीरों में चीनी सैनिकों के अलावा उनके कैंप और तैयारियां साफ तौर पर देखी जा सकती हैं।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक पैंगोंग त्सो झील के फिंगर 4 से लेकर 8 तक चीन ने अपने सैन्य ठिकाने रुटोग में बड़े पैमाने पर हथियार और सैनिक जमा कर रखे हैं। अतिरिक्त तैनाती के अलावा इस इलाके में आधुनिकीकरण भी तेजी से किया जा रहा है। वहीं द इंटेलिजेंस की ओर से 11 मई को ली गई सैटलाइट तस्वीरों में चीन के बख्तरबंद वाहन, हथियार, ठंड के लिए स्पेशल टेंट दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा चीनी फौज ने बैरक को सेटेलाइट से बचाने के लिए उसके ऊपर खास कपड़ा डाल रखा है। अगर यह तस्वीर एकदम सही हैं, तो ये भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि चीनी सैनिकों का बेड़ा काफी बड़ा नजर आ रहा है।













