जगदलपुर,
टीबी (क्षय रोग) के खात्मे को लेकर ‘टीबी हारेगा – बस्तर जीतेगा’ के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा अंतर विभागीय चर्चा हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। बस्तर को टीबी मुक्त करने हेतु जिले में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है , ताकि लोग क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़ें और इसके प्रति जागरूक हों।
इस पहल के संबंध में जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आर. के. चतुर्वेदी ने बताया, “बस्तर जिले को 2025 से पहले टीबी मुक्त करने हेतु और इस अभियान को गति देने स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यशाला में उपस्थित अन्य प्रमुख विभागों के अधिकारियो- कर्मचारियों को टीबी की गंभीरता, बीमारी फैलने के कारणों, उसके उपचार वरोकथाम सहित बस्तर में टीबी को वर्तमान स्थिति पर जानकारी प्रदान की गई। साथ ही सभी प्रमुख विभागों को आपस में समन्वय कर सहयोग करने हेतु निर्देशित किया गया। वर्तमान में बस्तर के कुल 484 टीबी मरीजों को निःशुल्क उपचार सुविधाएं दी जा रही है | ”
उन्होंने आगेबताया,” जिले में टीबी मरीजों की पहचान के लिये आगामी दिनों से घर-घर सर्वेक्षण कर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत बस्तर के नौ लाख से अधिक जनसंख्या की जांच होगी। सर्वेक्षण के दौरान परिवार के सदस्यों की विस्तृत जानकारी ली जाएगी। इस दौरान यह देखा जाएगा कि किसी को खांसी व बुखार तो नहीं आ रहा है। अगर खांसी होगी तो मरीजों के सैंपल जमा करवाए जाएंगे। इसके तहत प्रत्येक ब्लॉक के अंतर्गत न्यूनतम 10 टीमों के द्वारा सभी गाँव के घरों में ‘डिस्ट्रिक्ट लेवल एनुअल सर्वे’ यानि की डीएलएएस के मोबाइल एप द्वारा टीबी मरीजों की पहचान कर उनकी जांच की जाएगी ।

व्यापक रूप से चलने वाले इस अभियान में जिले के महिला एवं बाल विकास, पंचायत, शहरी प्रशासन, समाज कल्याण, उद्योग एवं खनन, शिक्षा वजेल विभाग का सहयोग लिया जाएगा। कार्यक्रम के अंत मे समस्त उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों ने टीबी मुक्त बस्तर के लिए शपथ ली।
जिलास्तरीय कार्यशाला में सीएमएचओ आर के चतुर्वेदी, डॉ सी आर मैत्री(जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी), भारती प्रधान (जिला शिक्षा अधिकारी), अवनी बिस्वाल (जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास), अखिलेश शर्मा(जिला कार्यक्रम प्रबंधक), पी डी बस्तियां (शहरी कार्यक्रम प्रबंधक), सेफाली यादव (डीएमएफडी जिला सलाहकार), निकिता चौहान, दिलीप कुमार (जिला मितानिन समन्वयक) दीवान, भोला राम सांडिल्य (जिला युवोदय समन्वयक), कमलेश वर्मा (जिला कार्यक्रम समन्वयक एनटीईपी), आर के कुंजाम( डीएमएफटी जिला सलाहकार), योगेश, रोहित यादव(पीरामल स्वास्थ्य जिला प्रतिनिधि), स्वास्थ्य विभाग के सभी बीएमओ, बीपीएम, सेक्टर सुपरवाइजर, टीबी सुपरवाइजर, आईसीडीएस के सभी सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाइजर, तथा समस्त मैदानी स्तर के कर्मचारीगण उपस्थित थे।














