छतरपुर
कलेक्टर छतरपुर श्री शीलेन्द्र सिंह ने जिला आपदा राहत समिति की बुधवार को कलेक्टर सभाकक्ष में समीक्षा करते हुए सम्बंधित विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होनें निर्देश दिए कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले ग्रामों, नदी एवं नालों को चिन्हित करते हुए बचाव के लिए स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू करें। बैठक में अपर कलेक्टर, जिले के एसडीएम तथा विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में जहां-जहां बाढ़ आने की आशंका है उन स्थानों का सूचीकरण करते हुए वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की जगह भी अभी से चिन्हित करें तथा उनके रहने, खाने और उपचार की व्यवस्था भी की जाएं। क्षेत्र के एसडीएम को बाढ़ की आशंका के चलते बाढ़ रक्षक उपकरण तैयार रखने, यदि बाढ़ से रहवासी व्यक्ति पीड़ित होते हैं तो राहतराशि के प्रकरण तुरंत बनाएं जाएं और तीन दिवस मंे सहायता राशि उनके खातें में जमा की जाए।
उन्होनें सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि जहा डेम मौजूद हैं और वर्षा काल में बाढ़ आने की आशंका है ऐसे ग्रामों को जहां वर्षा की आपदा से डेम के प्रभावित होने के साथ-साथ टूट-फूट हो सकती है अथवा जो डेम वर्षा के जल से प्रभावित हो सकते है और जहां के नदी, नालों में बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है उन्हें सूचीबद्व करें। पशु-चिकित्सा विभाग को निर्देंश दिए गये कि वर्षा काल में बाढ़ की स्थिति निर्मित होने पर पशु प्रभावित होते है। उन्हें बचाने की पूर्व तैयारी रखें। पीएचई विभाग मानसून के पूर्व हैंडपम्पों के आस-पास में क्लोरीन का छिड़काव करें।
पीओडूडा और नगरपालिका अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों के सभी नालों की तथा उनके उद्गम स्थलों की जांच करते हुए सफाई कराने के निर्देश दिए गए।
म.प्र. विधुत मण्डल बाढ़ की आशंका के चलते लाइन डैमेज होने के पहले ही सुधार कार्य पूर्ण करलें। जिले में जहां-जहां बाढ़ आने की आशंका है उन स्थानों का सूचीकरण करते हुए वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की जगह भी अभी से चिन्हित करें तथा उनके रहने, खाने और उपचार की व्यवस्था भी की जाएं। क्षेत्र के एसडीएम को बाढ़ की आशंका के चलते बाढ़ रक्षक उपकरण तैयार रखने, यदि बाढ़ से रहवासी व्यक्ति पीड़ित होते हैं तो राहतराशि के प्रकरण तुरंत बनाएं जाएं और तीन दिवस में सहायता राशि उनके खातें में जमा की जाए।














