जबलपुर
कोरोना के बिगड़े हालात को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद जबलपुर की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। कोविड संक्रमण के लिहाज से पहली बार मुख्यमंत्री बिना लाव लश्कर के बैठक करने कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने भोपाल से ही ट्ववीटर के माध्यम से संदेश देकर बता दिया कि उन्हें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य कोई मिलने न पहुंचे। यहां तक की एयरपोर्ट पर स्वागत करने भी न आए। मुख्यमंत्री के संदेश पर प्रशासनिक अमले के अलावा जनप्रतिनिधि भी सीधे बैठक स्थल पर ही पहुंचे।
मुख्यमंत्री के दौरे को पूरी तरह से प्रशासन ने गोपनीय रखा। इसके पीछे की वजह अनवाश्यक भीड़ को रोकना बताया जा रहा है। बैठक में दवाओं की कालाबाजारी को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्ती करने की बात कही। उन्होने कहा कि इस महामारी में ऐसा कृत्य करने वाले जानवर कहने के लायक भी नहीं है
जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना
आगमन से चंद घंटे पहले ही मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया में अपने दौर का जिक्र किया। उसके साथ ही हिदायत दी कि संक्रमण काल में कोई भी उन्हें मिलने न पहुंचे। मिलने के अवसर बाद में आएंगे। वे फिलहाल जबलपुर की स्थित का जायजा लेने आ रहे हैं। डुमना एयरपोर्ट से वो अपने वाहन से सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे। गैर जरूरी गाड़िया भी उनके काफिले में शामिल नहीं हुई। सूत्रों की माने तो बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की। आयुष्मान कार्डधारियों के पात्रताधारी है उनके 24 घंटे में कार्ड बने। ग्रामीण,पंचायत विधानसभा स्तर और जिला आपदा प्रबंधन की बैठक करें, जरूरी उपचार की सुविधा मुहैया कराई जाए।
जानवर कहने के लायक भी नहीं है
दवाओं की कालाबाजारी को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्ती करने की बात कही। उन्होने कहा कि इस महामारी में ऐसा कृत्य करने वाले जानवर कहने के लायक भी नहीं है इससे जानवरों की भी तौहीन है।













