छोटे निवेशकों के हाथ में शेयर बाजार की कमान, 16.18 लाख करोड़ रुपये का किया भारी-भरकम निवेश

 नई दिल्ली 
कोरोना महामारी के बीच शेयर बाजार छोटे निवेशकों के बूते नित नई ऊंचाइयां छू रहा है। छोटे निवेशकों का बाजार के प्रति आकर्षण का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एनएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों में छोटे निवेशकों (दो लाख रुपये तक की हिस्सेदारी वाले निवेशक) की हिस्सेदारी चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में 16.18 लाख करोड़ रुपये (7.18%) के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। प्राइम इंफोबेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च, 2021 को समाप्त हुई तिमाही में इनकी हिस्सेदारी 13.94 लाख करोड़ रुपये (6.96%) थी।

निवेशकों की बंपर कमाई
वहीं, इससे पहले 2009 में छोटे निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 7.10 फीसदी पर पहुंच गई थी। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना आने से बाजार टूटना और फिर बाजार नई ऊंचाई पर काफी कम समय में पहुंचने से निवेशकों की बंपर कमाई हुई है। इसी का नतीजा है कि वित्त वर्ष 2020-21 में बाजार में छोटे निवेशकों की संख्या में 1.42 करोड़ की वृद्धि हुई, जो पिछले वित्त वर्ष के आंकड़े का लगभग तीन गुना है। ऐसा नहीं कि अब छोटे निवेशकों का रुझान बाजार से कम हो गया है।

दो महीनों में 44.7 लाख निवेशक और बाजार से जुड़े

चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों में 44.7 लाख निवेशक और बाजार से जुड़े हें । इसके साथ ही डीमैट खातों की संख्या 4 करोड़ से बढ़कर अब 6.25 करोड़ से अधिक हो गई है। यह आलम तब है जब अभी भी सिर्फ चार फीसदी भारतीय शेयर बाजार में निवेश करते हैं। आरबीआई, जेफरीज के अनुसार, छोटे निवेशक सिर्फ संख्या नहीं बढ़ा रहे हैं। पिछले छह वित्तीय वर्षों में, स्टॉक एक्सचेंजों पर कुल कारोबार में छोटे निवेशकों की हिस्सेदारी 2015-16 में 33% से बढ़कर 2020-21 में 45% हो गई है। पिछले साल अकेले खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी में 6% की वृद्धि हुई।
 

छोटे निवेशक शेयर बाजार के साथ म्यूचुअल फंड में भी जबरदस्त निवेश कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई के अंत तक म्यूचुअल फंड द्वारा प्रबंधित कुल संपत्ति 35.3 लाख करोड़ रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। वहीं, एसआई के जरिये मासिक निवेशक बढ़कर जुलाई में 9,609 करोड़ रुपये की नई ऊंचाई पर पहुंच गया। जुलाई में 23.7 लाख नए खातों के साथ कुल एसआईपी खातों की संख्या रिकॉर्ड 4.17 करोड़ हो गई है। इतना ही नहीं पिछले एक साल में करीब 90 लाख नए एसआईपी खाते खुले हैं।

फंड हाउस ने अपनी हिस्सेदारी घटाई

एनएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों में घरेलू म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी बीते वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के 7.26% से मामूली रूप से घटकर इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.25% रह गई। घरेलू म्यूचुअल फंडों द्वारा 12,069 करोड़ रुपये के निवेशक के बावजूद होल्डिंग में गिरावट आई है। इस अवधि में इसमें खरीदारी से ज्यादा बिकवाली की गई है। फंड हाउस के साथ विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी भी कम हुई है। एफपीआई और डीआईआई की कुल ओनरशिप भी 35.88% से घटकर 34.85% हो गई है।