अहमदाबाद
भगवान जगन्नाथ की 144वीं रथ यात्रा को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। गुजरात के गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने बताया कि, कोविड-प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अखाड़े, भजन मंडली व झांकियों के बिना रथयात्रा दोपहर तक निकलेगी। जडेजा ने कहा कि, भगवान जगन्नाथ के प्रति लोगों में बड़ी श्रद्धा व आस्था है। कोरोना के ही कारण रथ यात्रा पिछले साल नहीं निकल सकी थी। हालांकि, अब राज्य में कोरोना की दूसरी लहर पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। इसलिए, कोविड-पाबंदियों का पालन करते हुए रथ यात्रा निकाली जा सकेगी।
राज्य के गृह मंत्री ने बताया कि, 144वीं रथ यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा के लिए एसआरपी की 20 कंपनियां तैनात की जाएंगी। उन्होंने कहा कि, रथ यात्रा की तैयारियों को लेकर सरकार की मंदिर प्रशासन के साथ बैठक हुई थी। जिसमें तय हुआ कि, रूट पर कर्फ्यू लागू रहेगा। केवल 3 वाहन और 2 रथ को अनुमति होगी। मंत्री ने कहा कि, हम लोगों से अपील करते हैं कि वे कोविड के उचित नियमों का पालन करें और प्रोटोकॉल भी फॉलो करें।
गुजरात के गृह मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने यह भी बताया कि, अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ जी की 144वीं परंपरागत रथ यात्रा के दौरान प्रसाद का वितरण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि, प्रसाद वितरण लोगों की भीड़ जुटने की वजह बन जाता है, इसलिए इस बार प्रसाद का वितरण नहीं होगा।' रथ यात्रा जहां-जहां से गुजरेगी, वहां हजारों की संख्या में गुजरात पुलिस के जवान तैनात रहेंगे।
रथ यात्रा 12 जुलाई को सुबह को एक निज मंदिर से प्रारंभ होगी तथा सुबह 7 से अपरान्ह 2 बजे तक इसे पूर्ण कर लिया जाएगा। इस दौरान दर्शनार्थी रथ यात्रा में शामिल नहीं हो सकेंगे। हां, लोग दूरदर्शन व निजी टीवी चैनल के माध्यम से रथ यात्रा के दर्शन कर सकेंगे।















