गांजा तस्करी में सिपाही निलंबित, पत्रकार की भूमिका भी संदिग्ध

बैकुंठपुर
गोंजा तस्करों से संबंध पाये जाने के बाद पुलिस कप्तान संतोष सिंह ने आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस मामले में एक स्थानीय पत्रकार की भूमिका को लेकर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

 दो दिन पूर्व ही एक दूसरे प्रकरण में जिले के जनकपुर थाना प्रभारी जवाहर लाल गायकवाड़ एवं एएसआई लक्ष्मीचंद कश्यप को पुलिस अधीक्षक ने प्राथमिक जांच में गाड़ी सहित अवैध गांजा पकडऩे तथा आरोपियों को पैसे लेकर छोडऩा पाए जाने पर निलंबित कर दिया था। तीन अगस्त को बहरासी थाना जनकपुर में घटित घटना जिसमें एक गांजा से भरी गाड़ी जिसमें मध्यप्रदेश के तीन गांजा तस्कर थे को पकडऩे के बाद थाना प्रभारी और एएसआई ने पैसे लेने के बाद गाड़ी को छोड़ दिया था।
इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त होने के बाद पुलिस कप्तान  संतोष सिंह द्वारा एएसपी धीरेंद्र पटेल को प्राथमिक जांच करने को कहा गया था। जांच में प्रथम दृष्टया घटना सत्य प्राप्त होने पर कार्रवाई की गई थी। विभागीय जांच संस्थित कर उक्त दोनों पुलिसकर्मियों का मुख्यालय रक्षित केन्द्र बैकुण्ठपुर नियत किया गया है, साथ ही अन्य पुलिस कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में अब धीरे-धीरे कई नाम सामने आने लगे है। कोरिया पुलिस ने  बताया है कि इस घटना में एक स्थानीय पत्रकार की भी भूमिका सामने आई है, जिसको इस प्रकरण की जानकारी होने पर वह घटनास्थल पर पहुंचा था और ब्लैकमेल कर पैसे प्राप्त किया।  उक्त पत्रकार से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। जिसके बाद कई और जानकारी सामने आयेगी।