केंद्र से मिलने वाले राज्य आपदा फंड का 30% होगा रिजर्व, प्रदेश में कम करेंगे आपदाओं के इफेक्ट्स

भोपाल
मध्यप्रदेश में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को अब कम करने की कवायद की जाएगी। इसके लिए राज्य आपदा मिटिगेशन फंड का गठन किया गया है। केन्द्र सरकार इसके लिए राशि उपलब्ध कराएगी। मध्यप्रदेश सरकार इस फंड का उपयोग आपदाओं का प्रभाव कम करने वाले प्रोजेक्ट शुरु करने पर करेगी।

केन्द्र सरकार सभी राज्यों को आपदा राहत के लिए हर साल फंड देती है। इस फंड को अब दो भागों में बांटा गया है। एक हिस्सा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति राहत देने के लिए खर्च किया जाएगा। दूसरा हिस्सा राज्य आपदा मिटिगेशन फंड में दिया जाएगा। यह कुल आपदा राहत फंड का तीस प्रतिशत होगा। यह राशि पब्लिक एकाउंट, लोक लेखा खातों में जमा की जाएगी। अभी तक प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए ही फंड खर्च किया जाता था। अब राज्य आपदा मिटिगेशन फंड से उन परियोजनाओं का संचालन किया जाएगा  जो इन आपदाओं को कम करने में मददगार साबित होगी।

राज्य आपदा मिटिगेशन फंड से अतिवर्षा और बाढ़ से निपटने, उसके प्रभाव को कम करने के लिए नदियों का गहरीकरण होगा। नदी-नालों की साफ-सफाई की जाएगी। नदी के किनारों के कटाव को रोकने के लिए वृक्षारोपण घाटों को पक्का बनाने, मजबूत करने का काम किया जाएगा। बड़े जलाशयों की सुरक्षा, उनसे निकलने वाली नहरों के सुदृढ़ीकरण के काम किए जाएंगे। शहरों में बारिश से पहले साफ-सफाई के कामों को बढ़ाया जाएगा।

अतिवर्षा और कचरे के कारण होने वाले जलभराव को रोकने की दिशा में काम किए जाएंगे।  इसी तरह ऐसे उद्योगों,कारखानों जहां स्वास्थ्य को नुकसन पहुंचाने वाली गैसों का निर्माण और उपयोग किया जाता है वहां संभावित दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। महामारी के प्रकोप को कम करने के लिए सुरक्षात्मक उपायों के लिए भी इस राशि का उपयोग किया जाएगा।

ऐसे बड़े मेले, धार्मिक स्थल जहां काफी संख्या में भीड़ एकत्रित होती है वहां भीड़ नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे। यहां प्रवेश करने और बाहर आने के लिए अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे। नदी किनारे बनें घरों में रहने वाले परिवारों के विस्थापन, बारिश के मौसम में सुरक्षित स्थलों के निर्माण का काम होगा।