नई दिल्ली
कोरोना वायरस को लेकर पिछले कुछ महीनों से कांग्रेस मोदी सरकार पर काफी ज्यादा हमलावर है। जिस वजह से आए दिन कुछ ना कुछ सरकार के खिलाफ ट्रेंड करता रहता है। दो दिन पहले बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर एक दस्तावेज शेयर किया। बीजेपी के मुताबिक ये कांग्रेस का टूलकिट था, जिसके जरिए सरकार को बदनाम किया जा रहा है। हालांकि शुक्रवार को टूलकिट से जुड़े ट्वीट पर ट्विटर ने एक्शन लिया और उस पर 'मैनिपुलेटेड मीडिया' का टैग लगा दिया। जिस वजह से अब नया विवाद शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार को ट्विटर की ये कार्रवाई पसंद नहीं आई।
ऐसे में उसने ट्विटर से टूलकिट से जुड़े ट्वीट्स पर से 'मैनिपुलेटेड मीडिया' का टैग हटाने को कहा है। सरकार के मुताबिक एक कानून प्रवर्तन एजेंसी के सामने इस मामले की जांच लंबित है। ट्विटर को इस मामले की जांच नहीं करना बल्कि वो एजेंसी ही इसकी सत्यता की पुष्टि करेगी। ऐसे में ट्विटर को अपना फैसला सुनाकर जांच प्रक्रिया में दखल नहीं देना चाहिए। हालांकि सरकार की ओर से इस मामले में कोई अधिकारिक बयान नहीं आया, लेकिन विपक्षी दलों की बयानबाजी शुरू हो गई है।मैनिपुलेटेड मीडिया का क्या मतलब दरअसल पिछले कुछ सालों में ट्विटर और फेसबुक पर कई बार फेक न्यूज प्रसारित करने के आरोप लगे। जिसके बाद अब दोनों की टीमों ने गंभीर मुद्दों का फैक्ट चेक शुरू कर दिया है।
ऐसे में जब भी आप कोई जानकारी साझा करेंगे और उसका सोर्स सही नहीं रहेगा, तो ट्विटर उस ट्वीट के नीचे 'मैनिपुलेटेड मीडिया' लिख देता है यानी ये ट्वीट सटीक जानकारी वाला नहीं है। 'टूलकिट' मामले ने पकड़ा तूल, प्रियंका गांधी बोलीं-झूठ फैलाने में समय बर्बाद न करे BJP कांग्रेस ने की है ये मांग टूलकिट सामने आते ही कांग्रेस का भी पारा हाई हो गया। इसके बाद उसकी ओर से तुरंत ट्विटर को एक पत्र लिखा गया। जिसमें कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने फर्जी दस्तावेज शेयर किया है। इस वजह से उनकी ओर से एक एफआईआर दर्ज करवाई गई है। उन्होंने आगे मांग करते हुए कहा कि मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए ट्विटर संबित पात्रा, जेपी नड्डा समेत उन तमाम बीजेपी नेताओं का अकाउंट सस्पेंड करे, जिन्होंने इसको शेयर किया है।













