उच्च शिक्षा विभाग के कर्मचारी-अधिकारियों का वेतन वृद्धि किया निर्देश जारी

भोपाल
 मध्य प्रदेश (MP) के उच्च शिक्षा विभाग  के अधिकारी-कर्मचारियों  के लिए बड़ी खुशखबरी है।शासकीय विश्वविद्यालयों के कार्मिकों को भी वार्षिक वेतन वृद्धि (increment) का लाभ मिलेगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में विभाग को निर्देश जारी कर दिये हैं। इसके तहत 1 जुलाई 2020 को देय वेतनवृद्धि 1 जुलाई 2021 की वेतन वृद्धि के साथ तथा 1 जनवरी 2021 को देय वेतनवृद्धि 1 जनवरी 2022 को देय वेतन वृद्धि के साथ देने के निर्देश दिए गए हैं।

दरअसल, राज्य शासन (MP Government) द्वारा लिए गए निर्णय के परिप्रेक्ष्य में समस्त शासकीय विश्वविद्यालयों  और मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के कार्मिकों को भी वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग को निर्देश जारी कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि वार्षिक वेतन वृद्धि के संबंध में वित्त विभाग की अनापत्ति प्राप्त हो गई है। राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुसार ही शासकीय विश्वविद्यालयों के सभी कर्मचारियों, अधिकारियों व अन्य को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा।

गौरतलब है कि बीते दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर वित्त विभाग ने स्पष्ट किया था कि वाषिक वेतन वृद्धि जुलाई और जनवरी माह में देय होती है।जिन शासकीय सेवकों (7 pay commission) की वार्षिक वेतनवृद्धि जनवरी 2022 में देय होगी उनके संबंध में भी गणना के निर्देश दिये दिये हैं। जुलाई 2020 /जनवरी 2021 की वेतन वृद्धि के वित्तीय लाभ/ एरियर्स की राशि के संबंध में अलग से निर्णय लिया जायेगा।

वेतनवृद्धि के लिये जो फार्मूला वित्त विभाग ने दिया है उसके अनुसार यदि शासकीय सेवक का वेतनमान लेवल 12 (56100-177500) है और जून 2020 में मूल वेतन रूपये 69000 है तो एक जुलाई 2020 में काल्पनिक वार्षिक वेतनवृद्धि 71100 होगी (जिसका वास्तविक भुगतान नहीं हुआ) और एक जुलाई 2021 को देय वार्षिक वेतन वृद्धि रूपये 73200 (जुलाई 2020 की काल्पनिक वेतनवृद्धि शामिल करते हुए) प्रदाय की जायेगी। जिन शासकीय सेवकों की वार्षिक वेतनवृद्धि जनवरी 2022 में देय होगी उनकी गणना भी इसी अनुसार की जायेगी।