भोपाल
राजधानी के वन विहार नेशनल पार्क में घड़ियालों का कुनबा बढ़ गया है। गत दिवस यहां पर इंदौर से 4 घड़ियाल वन विहार में लाए गए। इन्हें मिलाकर अब संख्या 7 हो गई है। बाड़े में दर्शक उनकी चहल-कदमी देख सकेंगे। कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय इंदौर से उक्त घड़ियालों को सड़क मार्ग से भोपाल लाया गया। इनमें दो नर एवं दो मादा घड़ियाल है। वन विहार के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. एके जैन ने बताया कि अब वन विहार में घड़ियालों की संख्या सात हो गई है।
वन विहार के पास बड़े तालाब में घड़ियालों के पोण्ड की जाली को भी दुरूस्त किया गया है। कई बार तालाब में पानी भरने के बाद पानी जाली के ऊपर तक आ जाता है जिसके कारण घड़ियाल अपर लेक में प्रवेश कर लेते हैं। अब इस तरह की स्थिति को बचाने के लिए जाली को ऊंचा और दुरूस्त किया गया है।
राजधानी स्थित वन विहार नेशनल पार्क के संचालक अजय कुमार यादव को महज छह महीने में हटा दिया गया। उन्हें प्रतिनियुक्ति पर वन विभाग के बाहर नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण भेजा गया है। बताया जाता है कि यादव के कामकाज से विभाग के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल नाराज थे। नाराजगी दूर करने के लिए यादव दो दिन पहले प्रमुख सचिव से मिले थे और कहा था कि जिन कार्यों में देरी हो रही है, उसके लिए वे सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं है। यादव को इसी वर्ष दो फरवरी को वन विहार का संचालक बनाया गया था।














